आतंकवाद को लेकर लगातार बहस होती रही है. क्या आतंकवाद का कारण विकसित देशों का शोषण है? क्या आतंकवाद किसी सभ्यता के खिलाफ है? क्या आतंकवाद सभ्यताओं का टकराव के कारण हैं? या
आतंकवाद को लेकर लगातार बहस होती रही है. क्या आतंकवाद का कारण विकसित देशों का शोषण है? क्या आतंकवाद किसी सभ्यता के खिलाफ है? क्या आतंकवाद सभ्यताओं का टकराव के कारण हैं? या
कहा जाता है कि जब आप एक उंगली सामने वाले पर उठाते हैं तो 4 उंगलियाँ आपकी तरफ उठती हैं. राजनीति में छींटाकशी तो आम बात है पर कई बार
1993- मुम्बई 1998- कोयम्बटूर 2001- संसद हमला 2002- अक्षरधाम 2003/2006- मुम्बई ट्रेन 2005- दिल्ली 2006- वाराणसी 2007- समझौता एक्सप्रेस, हैदराबाद 2008- मुम्बई 26/11 2016- उरी 2019- पुलवामा ….. सैकड़ों और
अनेकता में एकता की विशिष्ट पहचान रखने वाला एकमात्र राष्ट्र है भारत. यहाँ सभी को समानता का अधिकार प्राप्त है किन्तु एक राज्य ऐसा है जहाँ समानता के अधिकार का
राष्ट्र हृदय जब चीख़ रहा हो,अश्रु नयन भर दीख रहा हो,एक प्रश्न तब हर मन पूछे, कहाँ जगह हो खड्ग-ढाल की? क़ीमत क्या हो शांतिकाल की? लहू बह रहा जब
देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर
बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश