कुल मिलाकर खबरों के बिचौलियों का व्यापार अब मंदा पड़ गया है. इसका असर यह है कि उनका प्रभाव भी कम हो गया है. कई बड़े पत्रकारों की सार्वजनिक खीझ और बौखलाहट से साफ़ दिखाई पड़ता है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बदलते वक्त के साथ वे अपने आप को कैसे बदलें.
कुल मिलाकर खबरों के बिचौलियों का व्यापार अब मंदा पड़ गया है. इसका असर यह है कि उनका प्रभाव भी कम हो गया है. कई बड़े पत्रकारों की सार्वजनिक खीझ और बौखलाहट से साफ़ दिखाई पड़ता है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बदलते वक्त के साथ वे अपने आप को कैसे बदलें.
1993- मुम्बई 1998- कोयम्बटूर 2001- संसद हमला 2002- अक्षरधाम 2003/2006- मुम्बई ट्रेन 2005- दिल्ली 2006- वाराणसी 2007- समझौता एक्सप्रेस, हैदराबाद 2008- मुम्बई 26/11 2016- उरी 2019- पुलवामा ….. सैकड़ों और
नये साल के पहले ही दिन एक इन्टरव्यू के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने आम चुनावों के लिए खुली लड़ाई का एलान कर दिया है। अपने इस लम्बे इंटरव्यू में मोदी
पांच विधानसभाओं के चुनाव परिणामों ने राहुल गांधी और कांग्रेस में एक नई जान फूंक दी है। इससे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की लड़ाई ख़ासी दिलचस्प हो गई