लोकसभा चुनाव 2019 आरम्भ हो चुके है. हालांकि इसके नतीजे तो 23 मई को ही पता चलेंगे लेकिन इन डेढ़ महीनों में हम ओपिनियन पोल्स की बाढ़ देखेंगे. हर चैनल
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लोकतंत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं होती हैं. यहां दूसरे की बातों को उतनी ही ध्यान से सुना जाता है जितने ध्यान से अपनी बातों को रखा जाता है. विचारों
ध्रुवीकरण तो होता ही है. पर कांग्रेस और लेफ्ट की पार्टियों द्वारा जिस तरह का ध्रुवीकरण किया जाता है उसकी कोई सीमा नहीं. दिल्ली के पांच वरिष्ठ नेताओं ने राहुल
अभी सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है. हवाई जहाज़ के अंदर दिल्ली के जिल्ले सुभानी अरविंद केजरीवाल बैठे हुए हैं. बगल में उनके PA बैठे हुए हैं. कहानी
रोज़गार मुक्त राष्ट्रवाद! यह किसी भाजपा विरोधी पार्टी का नारा नहीं है बल्कि ‘दैनिक भास्कर’ का दिया हुआ जजमेंट है. आप सोच रहे होंगे कि अखबार कोई जज तो है
चुनावी मौसम है भाई साहब. सब कुछ चल रहा है. विज्ञापन का दौर चल रहा है. कांस्पीरेसी थ्योरी की तो इन्तिहा हो गई है. तमाम लेख बता रहे हैं कि
विवेक ओबराय ने राजदीप से पूछा; “क्या आपके शो को बंद कर देना चाहिए क्योंकि वह लोगों की सोच को प्रभावित करता है?” कुछ वर्ष पहले जब ठीक पंजाब चुनाव