लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए पार्टियों हर तरह के पैंतरे आज़मा रही हैं. इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए पार्टियों हर तरह के पैंतरे आज़मा रही हैं. इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में
कांग्रेस की रैलियों में कम होती भीड़ को चाहे कितना ही IT सेल वाले फोटोशॉप कर सच छुपाने की कोशिश करें पर सच को कब तक छुपा सकते हैं. पिछले
देश के कुछ नेताओं को भले ही सेना की फिक्र हो या न हो लेकिन देश की सेना को हमेशा देश की रक्षा की फिक्र रहती है. यही कारण है
“छोड़ सियार भाई कुल्हड़ के आसा, तमासा बन जाइब, होइहे निरासा…” भोजपुरिया गीत है. मनोज तिवारी का गाया हुआ. लेकिन हम यहां इन गाने की बात क्यों कर रहे हैं.
जब भी राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात आती है तो सबसे पहला सवाल यही उठता है कि आखिर इतने सालों में उन्होंने अमेठी में किया क्या है. स्मृति
राजनीति में छींटाकशी आम बात है, आए दिन नेताओं का एक दूसरे पे लांछन लगाना, घटिया आरोप मढ़ना कोई ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं है. पर कई बार आरोप कुछ सीमाओं को
तेरहवाँ दिन.. षड्यंत्र के माहिर कौरवों ने पुनः चक्रव्यूह की रचना की. कौरवों को रचनात्मकता के नाम पर उन्हें कुछ भी पता था तो वह था षड्यंत्र और चक्रव्यूह की
दोस्तों, इकोलॉजी में ‘कंपीटिटिव एक्सक्लूशन प्रिंसिपल’ नामक एक अवधारणा है. सिद्धांत यह है कि एक ही संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले दो जीव दीर्घकालिक समय के लिए सह-अस्तित्व में नहीं रह सकते.
लो भइया! ज़िल्ले- इलाही का फरमान आ गया. टैक्स तो सबको चुकाना होगा. छोटा हो या बड़ा, नाटा हो या लंबा, पतला हो या मोटा. देश के भावी प्रधानमंत्री पद
आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कालाहांडी में जनता को संबोधित करते देखा तो याद आया. कालाहांडी, जहाँ से श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1980 में ग़रीबी हटाओ