कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने की जैसे ही खबरें आना शुरू हुई थीं, वैसे ही राहुल पर छींटाकशी करना शुरू कर दिया गया था. कुछ नेताओं
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने की जैसे ही खबरें आना शुरू हुई थीं, वैसे ही राहुल पर छींटाकशी करना शुरू कर दिया गया था. कुछ नेताओं
लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और कांग्रेस के उम्मीदवार राहुल गांधी अपनी पार्टी का वनवास खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
राहुल गांधी ने अभी हाल ही में यह कहा है कि यदि उनकी सरकार बनती है तो वो नीति आयोग को खत्म कर देंगे. यह कितनी बड़ी विडंबना है कि
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आने वाले लोकसभा चुनावों में अमेठी के साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। ऐके एंटनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया. मीडिया
इस देश के प्रधानमंत्री को दिन में न जाने कितनी सलाहें मिलती हैं. आज उनको एक और सलाह मिली है. इस बार मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता
आज की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए हमें एक बार इतिहास में जाने की आवश्यकता है. क्या होगा, या क्या नहीं होगा, यह तो बाद की बात है. पहले यह
इंग्लैंड में पढ़े नेहरू और उनके परिवार के नेतृत्व में विद्वानों और नौकरशाहों ने राष्ट्र को दिशा निर्देश दिया. आपातकाल का लाभ उठाकर राष्ट्र को सेक्युलर और समाजवादी भी बना दिया. लेकिन फिर भी न तो गरीबी दूर हुई, न ही कृषको को समृद्धि मिली, न ही समाजवाद मिला
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 13 मार्च को सर्कुलर जारी करके कहा था कि शोध कर रहे छात्र राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर ध्यान दें. इसे लागू करने वाला सबसे पहला विश्वविद्यालय
ऐसा प्रतीत होता है जैसे राहुल गांधी न्यूनतम आय गारंटी के साथ भारत को वेनेजुएला जैसी आपदा बनाना चाहते हैं. 5 करोड़ परिवारों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के प्रस्तावित 72,000
श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी निषादराज से विदा ली. चलते-चलते वे गंगा किनारे पहुँचे. आस-पास देखा तो एक मैदान में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे. दूर रेत में ढेर