अभी हाल ही में देश के सेनाध्यक्ष ने यह कहा है कि भारत की सेना में ‘समलैंगिकों’ की कोई जगह नहीं है. देश के एक खास अभिजात्य वर्ग ने इस
अभी हाल ही में देश के सेनाध्यक्ष ने यह कहा है कि भारत की सेना में ‘समलैंगिकों’ की कोई जगह नहीं है. देश के एक खास अभिजात्य वर्ग ने इस
नये वर्ष की शुरुआत के साथ पश्चिम बंगाल का राजनीतिक तापमान बढ़ने लगा है. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान ही विष्णुपुर के तृणमूल कांग्रेस सांसद ने भारतीय जनता पार्टी
देशहित, दलहित या व्यक्ति हित में गठबंधन बनाने की स्वतंत्रता हर राजनीतिक दल को है. विरोधियों द्वारा उसे ‘ठगबंधन’ या ‘लठबंधन’ कहना अलोकतांत्रिक है. गठबंधन बनाने के पावन लोकतांत्रिक कृत्य
आरक्षण का मुद्दा कई वर्षों से देश में एक ज्वलंत मुद्दा रहा है. दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लाया गया आरक्षण उस वर्ग को खलने लगा था
08 जनवरी 2019 को ऐतिहासिक विधेयक ‘नागरिक संशोधन बिल’ लोकसभा द्वारा पारित कर दिया गया. इस कानून के लागू होने के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान व बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों
नसीरूद्दीन शाह साहब अपने बच्चों के लिए डरे हुए हैं कि कहीं कल को भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान तो क्या होगा?
नये साल के पहले ही दिन एक इन्टरव्यू के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने आम चुनावों के लिए खुली लड़ाई का एलान कर दिया है। अपने इस लम्बे इंटरव्यू में मोदी
बहुत पुरानी बात नही है. दिसम्बर, 2013 में मनमोहन सिंह की कैबिनेट ने साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा अधिनियम (Communal and Target Violence Bill) विधेयक पर मुहर लगाई थी. लेकिन फरवरी
राहुल गांधी क्यों झूठ बोल रहे है? – ये सवाल आज हर भारतीय के मन मे आना चाहिए. आखिर वे चाहते क्या है? राफेल मुद्दे पे एक के बाद एक
ये वो समय था जब नरेंद्र मोदी का दौर शुरू नहीं हुआ था. राजनीतिक चर्चाएं भी कांग्रेस और भाजपा के बीच इतनी बंटी हुई नहीं थी. इसी तरह की एक