Category: राजनीति

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लोपक और जन की बात: देश की बात, देश के साथ

2019 के महासंग्राम की रणभेरी बजने से पहले जनता का मन टटोलने के लिए राजनैतिक पार्टियाँ लगी हुई हैं. राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता ज़मीन पर कार्य कर रहे हैं. जनता

क्या आपने मोदी वाला रैप सॉन्ग सुना है?

पंथ या विचार की सेवा करना सद्कर्म है, स्वयंसेवा के लिए प्रवृत्त होना पुण्य. पुण्य पथ पर निस्वार्थ प्रवृत्त रहना तो आज के युग की दुर्लभ उपलब्धियों में से एक

ये नया भारत है: ये चोरों को उनके घर से उठाकर ले आता है!

दुबई में एक प्राइवेट जेट के अंदर कुछ अधिकारियों द्वारा एक व्यक्ति को बैठाया जाता है. उस व्यक्ति के वकील जब UAE रक्षा एजेंसी पहुंचते हैं तो पता चलता है

राहुल गांधी-मनोहर पर्रिकर मुलाकात विवाद: संवेदना और मर्यादा पर राजनीतिक कुठाराघात

आज भारत की राजनीति में संवेदनहीनता का एक और काला अध्याय लिख दिया गया. देश की जनता का भविष्य और विश्वास उसके जन-प्रतिनिधि पर टिका हुआ होता है. लोकतंत्र को

राम मंदिर बनवा पाएंगे मोदी?

अयोध्या मामले में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गैर-विवादित भूमि उसके मूल मालिकों को वापस करने की मांग की है. 1993 में नरसिंह राव की सरकार

ओड़िशा की चुनावी स्थिति

2014  के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने तमाम हिंदीभाषी प्रदेशों, गुजरात और महाराष्ट्र में अधिकतर सीटें जीत ली थी. जाहिर है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में इन राज्यों में

इंदिरा की परछाई की राजनीति में हुई एंट्री

प्रियंका गाँधी (यदि वाड्रा कहने में संकोच हो) का राजनीति में पदार्पण पर यह थी एक पोर्टल की ऑनलाइन खबर की टाइटल. प्रियंका गाँधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाते

महागठबंधन में असमंजस

कोलकाता में हुई महागठबंधन की रैली में कई विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया. तृणमूल कांग्रेस तो इस रैली की आयोजक और मेजबान ही थी. इसमें राष्ट्रीय जनता दल से तेजस्वी

बंगाल की समकालीन राजनीति: अंक 2

… गतांक से आगे 1984 के लोकसभा चुनाव के पूर्व, कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता पश्चिम बंगाल की सीटों के लिए उम्मीदवार चुन रहे थे. कोलकाता के जादवपुर लोकसभा सीट

लोकतन्त्र के चौथे खम्बे में लग रही नफरत की घुन

लोकतंत्र चार स्तंभों पर टिका है – न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया. लोकतंत्र को बचाए रखने में इन चारों ही स्तम्भों का योगदान है. परंतु बदलती परिस्थितियों में लोकतंत्र का