लोकतंत्र बचाने वालों का असल उद्देश्य आज सामने आ गया. आज लोकसभा चुनावों की 95 सीटों पर चुनाव का दूसरा चरण था. पश्चिम बंगाल में भी वोटिंग थी, लेकिन पश्चिम
लोकतंत्र बचाने वालों का असल उद्देश्य आज सामने आ गया. आज लोकसभा चुनावों की 95 सीटों पर चुनाव का दूसरा चरण था. पश्चिम बंगाल में भी वोटिंग थी, लेकिन पश्चिम
लोकतंत्र खतरे में था, है और तब तक रहेगा जब तक राजनीतिक स्वार्थ से हटकर राजनीतिक दल नहीं सोचते. लोकतंत्र को खतरा पूरे भारत में नहीं बल्कि देश के कुछ
आज विपक्ष पूर्णतः बिखरा हुआ है लेकिन वह एक काम एकजुटता के साथ कर रहा है – दोषारोपण. देश में कोई भी छोटी या बड़ी घटना हो जाती है, तो
भारतीय वायुसेना ने पराक्रम दिखाते हुए पुलवामा हमले का बदला पाकिस्तान से ले लिया है. इस बदले के बाद से ही पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी.
राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और अक्षुण्णता बनाए रखने के लिए आवश्यक है धर्म. किन्तु यह धर्म हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई या अन्य नहीं होना चाहिए. यह धर्म सिर्फ और सिर्फ राष्ट्र धर्म होना
विष्णुपुर लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल के बाँकुरा जिले के अंतर्गत आती है. हजार वर्षों से भी अधिक समय तक मल्लभूम वंश की राजधानी रही विष्णुपुर नगरी अपने शानदार टेराकोटा मन्दिरों
भाजपा के लाख प्रयासों के बाद भी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह को रथयात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी. अमित शाह को
पश्चिम बंगाल की तामलुक लोकसभा सीट तृणमूल कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है. यह पूर्व मेदिनीपुर जिले में है. तृणमूल कांग्रेस के दिव्येन्दु अधिकारी इस सीट का
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है. 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शारदा चिट फंड घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी
कोलकाता में हुई महागठबंधन की रैली में कई विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया. तृणमूल कांग्रेस तो इस रैली की आयोजक और मेजबान ही थी. इसमें राष्ट्रीय जनता दल से तेजस्वी