छपरा लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से सारण लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती है. सारण (छपरा) लोकसभा सीट कई मायनों में ऐतिहासिक है. बिहार के पूर्व
छपरा लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से सारण लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती है. सारण (छपरा) लोकसभा सीट कई मायनों में ऐतिहासिक है. बिहार के पूर्व
अपनी अद्भुत चित्रकला ‘मधुबनी पेंटिंग’ के लिए विश्वविख्यात मधुबनी पौराणिक कथाओं में भी एक महत्वपूर्ण स्थल रहा है. मधुबनी को मिथिला संस्कृति का हृदयस्थल माना जाता है. स्वतन्त्रता से पूर्व
पटना से सटा हुआ हाजीपुर (सुरक्षित) संसदीय क्षेत्र मुख्यतः अपने सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की वजह से ही जाना जाता है. हाजीपुर की जनता ने 1977 के जनता
लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश की कितनी महत्ता है इसका अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि अक्सर यह कहा जाता है “चुनावी गलियारे में दिल्ली का रास्ता उत्तरप्रदेश
बिहार में राजनीति पर आसक्ति ऐसी है कि वहाँ का राजनीतिक तापमान ठंडा हो तो भी वह शेष देश के राजनीति मिजाज से गर्म ही पाया जाता है. देश में
ओडिशा के पांचवें बड़े जिले का नाम है सुंदरगढ़. जो कि ओडिशा की एक लोकसभा सीट है. सुंदरगढ़ लोकसभा सीट जो अपने नाम के अनुसार सुंदर है, यहाँ प्रकृति ने
विष्णुपुर लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल के बाँकुरा जिले के अंतर्गत आती है. हजार वर्षों से भी अधिक समय तक मल्लभूम वंश की राजधानी रही विष्णुपुर नगरी अपने शानदार टेराकोटा मन्दिरों
ओडिशा के 21 लोकसभा क्षेत्रों में से एक, संबलपुर संसदीय क्षेत्र का गठन 1952 के चुनावों से पहले किया गया था और इसमें सात विधान सभा क्षेत्र शामिल थे, जिनमें
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र का अस्तित्व 2002 के डीलिमिटेशन कमीशन के सिफ़ारिश पर 2008 में आया था. 2009 लोक सभा चुनावो में बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर जीते थे, वो
झारखंड की सीमा से सटा पश्चिम बंगाल का पुरुलिया जिला पिछड़ा और आदिवासी बहुल है. यहाँ महतो कुड़मी जाति की अच्छी तादाद है. इस सीट पर आजतक कुड़मी ही चुनाव