नेताजी को एक शब्द में परिभाषित करना हो तो वह शब्द होगा- विद्रोह. अन्याय और असमानता के विरुद्ध विद्रोह और संघर्ष ही नेताजी के जीवन का ध्येय रहा. प्रेसिडेंसी कॉलेज
नेताजी को एक शब्द में परिभाषित करना हो तो वह शब्द होगा- विद्रोह. अन्याय और असमानता के विरुद्ध विद्रोह और संघर्ष ही नेताजी के जीवन का ध्येय रहा. प्रेसिडेंसी कॉलेज
तब भारद्वाज बोले, “हे ऋषिवर, आपने मुझे परम पुनीत राम-कथा सुनाई, जिसे सुनकर मैं कृतार्थ हुआ. परन्तु लंका-विजय के बाद बानरो के चरित्र के विषय में आपने कुछ नहीं कहा.
नये साल के पहले ही दिन एक इन्टरव्यू के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने आम चुनावों के लिए खुली लड़ाई का एलान कर दिया है। अपने इस लम्बे इंटरव्यू में मोदी
2019 आम चुनाव का वर्ष है. वैसे तो हर चुनाव ही महत्वपूर्ण होते हैं पर यह चुनाव बहुत ही खास है. देखना दिलचस्प होगा कि 2014 मे मिली जीत को
ये वो समय था जब नरेंद्र मोदी का दौर शुरू नहीं हुआ था. राजनीतिक चर्चाएं भी कांग्रेस और भाजपा के बीच इतनी बंटी हुई नहीं थी. इसी तरह की एक
भाग – 1 से आगे भारतीय समाज की विशेषता है कि यह अपनी परंपरा और संस्कृति से सदैव जुड़ा रहता है. इस जुड़ाव को तोड़ने के लिये एक नयी चाल
समाज वोट देकर सत्ता बनाता है और हटाता है. 2019 एक बार फिर सरकार को दोबारा बनाने या हटाने के अधिकार का वर्ष है. सरकार से भी परे यह निर्णय
2004 में एनडीए हार चुका था. राजनीति के भीष्म पितामह अटल बिहारी वाजपेयी जैसा विराट व्यक्तित्व राजनीतिक पटल से ओझल होने वाला थे. अपने छह साल से अधिक की सरकार
एक अंग्रेजी हुकूमत का अधिकारी जो बंगाल सिविल सेवा में पास हो कर साल 1849 में ब्रिटिश सरकार का अधिकारी बना था, उसने एक पार्टी का गठन किया, नाम था
2014 का महाभारत युद्ध था. सेनाएं तैयार थी. धर्मराज युधिष्ठिर एक दशक पहले ही युद्ध का मैदान छोड़ चुके थे लेकिन उनके प्रिय शिष्य ने अभी तक गुजरात की गद्दी