आज भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना संकल्प पत्र देश के सामने रख दिया. ध्यान देने वाली बात यह थी कि इसका लेखा जोखा गृह मंत्री राजनाथ सिंह से प्रस्तुत
आज भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना संकल्प पत्र देश के सामने रख दिया. ध्यान देने वाली बात यह थी कि इसका लेखा जोखा गृह मंत्री राजनाथ सिंह से प्रस्तुत
चुनावी मौसम है भाई साहब. सब कुछ चल रहा है. विज्ञापन का दौर चल रहा है. कांस्पीरेसी थ्योरी की तो इन्तिहा हो गई है. तमाम लेख बता रहे हैं कि
हिंदुत्व के आन्दोलन से जुड़े संगठनों और उनसे सहानुभूति रखने वाले राजनीतिक दलों पर यह आरोप अक्सर ही लगता है कि जिस वैभवकाल को ये वापस लाने की बात करते
बरसाती मेंढकों की तरह हमारे बॉलीवुड कलाकार 2014 के समय से आजकल हर चुनाव के समय अपने ‘नो कमेंट ऑन पॉलिटिक्स’ के कूपे से बाहर आ जाते हैं. कम से
प्रधानमंत्री मोदी का कल एबीपी न्यूज़ पर एक इंटरव्यू आया है. इंटरव्यू स्पष्ट रूप से बता गया कि इस बार मोदी किसी भी आरोप को चुपचाप झेलने वाले नहीं हैं.
इस देश का यह दुर्भाग्य ही है कि आज़ादी के 70 सालों बाद भी राजनीतिक दल जातिवाद की राजनीति से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं. एक ओर तो राजनीतिक
हम भारतीय ‘अतिथि देवो भव:’ की बात करने वाले लोग हैं. हमारे घर में जब भी कोई मेहमान आता है तो.हम यह प्रयास करते हैं कि उसकी सुख-सुविधा में किसी
केरल में मुसलमानों की एक और जमात पॉपुलर फ्रंट के कारनामें किसी से छुपे नही हैं. कैसे इनकी हथियार बंद सेना ने एक अध्यापक के दोनों हाथ सरेआम तलवार से
लोकसभा चुनाव करीब आ रहे हैं लेकिन राजनीतिक दलों की बदजुबानी थमने का नाम नहीं ले रही है. हालात ऐसे हैं कि नेताओं द्वारा हर रोज़ एक नया शिगूफा छोड़