अरसों बाद एक फिल्म आती है जो आपको उन सभी मुद्दों पर सवाल पूछने के लिए मजबूर करती है, जिस पर हमें बचपन से ही विश्वास करने के लिए सिखाया
अरसों बाद एक फिल्म आती है जो आपको उन सभी मुद्दों पर सवाल पूछने के लिए मजबूर करती है, जिस पर हमें बचपन से ही विश्वास करने के लिए सिखाया
2014 को एक बार फिर से रिपीट किया जा रहा है. खुद को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का सर्वेसर्वा समझने वालों ने फिर राजनीति में अपनी नाक घुसाई है. वैसे जब इनसे
बरसाती मेंढकों की तरह हमारे बॉलीवुड कलाकार 2014 के समय से आजकल हर चुनाव के समय अपने ‘नो कमेंट ऑन पॉलिटिक्स’ के कूपे से बाहर आ जाते हैं. कम से