देशहित, दलहित या व्यक्ति हित में गठबंधन बनाने की स्वतंत्रता हर राजनीतिक दल को है. विरोधियों द्वारा उसे ‘ठगबंधन’ या ‘लठबंधन’ कहना अलोकतांत्रिक है. गठबंधन बनाने के पावन लोकतांत्रिक कृत्य
देशहित, दलहित या व्यक्ति हित में गठबंधन बनाने की स्वतंत्रता हर राजनीतिक दल को है. विरोधियों द्वारा उसे ‘ठगबंधन’ या ‘लठबंधन’ कहना अलोकतांत्रिक है. गठबंधन बनाने के पावन लोकतांत्रिक कृत्य
आरक्षण का मुद्दा कई वर्षों से देश में एक ज्वलंत मुद्दा रहा है. दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लाया गया आरक्षण उस वर्ग को खलने लगा था
08 जनवरी 2019 को ऐतिहासिक विधेयक ‘नागरिक संशोधन बिल’ लोकसभा द्वारा पारित कर दिया गया. इस कानून के लागू होने के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान व बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों
नसीरूद्दीन शाह साहब अपने बच्चों के लिए डरे हुए हैं कि कहीं कल को भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान तो क्या होगा?
ये वो समय था जब नरेंद्र मोदी का दौर शुरू नहीं हुआ था. राजनीतिक चर्चाएं भी कांग्रेस और भाजपा के बीच इतनी बंटी हुई नहीं थी. इसी तरह की एक
भाग – 1 से आगे भारतीय समाज की विशेषता है कि यह अपनी परंपरा और संस्कृति से सदैव जुड़ा रहता है. इस जुड़ाव को तोड़ने के लिये एक नयी चाल
पिछले कुछ दिनों से चोर-चोर की चिल्लम-चिल्ली बाजार में बहुत मची हुई थी. राजनैतिक रूप से एक दल द्वारा देश के प्रधानमंत्री को अपमानजनक शब्द से सम्बोधित किया जा रहा
समाज वोट देकर सत्ता बनाता है और हटाता है. 2019 एक बार फिर सरकार को दोबारा बनाने या हटाने के अधिकार का वर्ष है. सरकार से भी परे यह निर्णय
2004 में एनडीए हार चुका था. राजनीति के भीष्म पितामह अटल बिहारी वाजपेयी जैसा विराट व्यक्तित्व राजनीतिक पटल से ओझल होने वाला थे. अपने छह साल से अधिक की सरकार
2014 का महाभारत युद्ध था. सेनाएं तैयार थी. धर्मराज युधिष्ठिर एक दशक पहले ही युद्ध का मैदान छोड़ चुके थे लेकिन उनके प्रिय शिष्य ने अभी तक गुजरात की गद्दी