एग्जिट पोल के बाद ‘लिख ल्यो’ कहकर चौड़े होने वाले ठंडे पड़ चुके थे. उससे पहले उनकी चुनावी भविष्यवाणी के आत्मविश्वास से चुनाव आयोग भी संशय में पड़ जाता था
एग्जिट पोल के बाद ‘लिख ल्यो’ कहकर चौड़े होने वाले ठंडे पड़ चुके थे. उससे पहले उनकी चुनावी भविष्यवाणी के आत्मविश्वास से चुनाव आयोग भी संशय में पड़ जाता था
देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह अपनी उत्तरी यमन की यात्रा को अधूरा छोड़कर फौरन भारत के लिए रवाना हो चुके थे. दिल्ली पहुँचकर उनकी मंज़िल थी दिल्ली स्थिति
“हम इस प्रक्रिया से संतुष्ट हैं. भारत जैसा देश ऐसे सौदों में देरी नहीं कर सकता. यह भारत के भविष्य के लिए आवश्यक है. सौदे में कुछ भी गलत नहीं
ट्विटर व फेसबुक पर जो बन्धु मंगलवार की सुबह ९ बजे तक हिंदी हार्टलैंड के तीनों प्रदेशों में भाजपा के जीत का दम भर रहे थे, उनमें से कइयों ने
लोकतंत के काहे कोसीं नेताजी के काहे खोबसीं सिस्टम के हम काहे भकोंसी जब हमहीं बनडमरु बानी हम तs सुतिया भोटर बानी ई हमके पकठाइल कहलन अउर ऊ मेहराइल कहलन
भाजपा की हार हो चुकी है. हार की समीक्षा होनी चाहिए. आइए, समीक्षा करते हैं. इस चुनाव में सबसे बड़ी बात यह रही कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15
दत्ताजी सिंधिया को पेशवा बालाजी बाजीराव ‘ईश्वरचा सिपाही’ कहते थे. एक ऐसा योद्धा जो देवताओं की तरह लड़ता था और शत्रु दल पर दावानल बनकर टूट पड़ता था. रघुनाथ
अरे, आपको मंदिर चाहिए कि विकास? विकास के पथ पर मंदिर कहाँ आते हैं? ये तो बस मंदिर पर वोट बटोरने आये हैं. ये देश तोड़ेंगे. जातिवादी…सावरकर के फॉलोवर्स…अंग्रेजों
भाजपा के अलावा उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में आवगमन कर चुके और उर्दू के खानदानी कलमकार व संपादक शाहिद सिद्दीकी ने 7 दिसम्बर, 2018 को ट्विटर
ज़रा सोचिए! किसी को गाड़ी चलानी नहीं आती और उसको बीच सड़क पर गाड़ी के साथ छोड़ दिया जाए तो? किसी को बंदूक चलानी न आती हो और उसको सीमा