Category: OpEd

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एंकर भयंकर की अपील: टीवी मत देखिए

टीवी समाचारों के उन्माद से आहत एक एंकर भयंकर बार बार आह्वान करते हैं कि टीवी मत देखिए. यह उनलोगों के लिए यह प्रयोज्य नहीं है जो पहले ही टीवी

क्या मोदी पाकिस्तान को तिल-तिल कर मरने पर मजबूर कर रहे हैं?

सोवियत यूनियन के बिखराव के अनेक कारणों में से एक उसका ‘जंगी जुनून’ भी था. सोवियत यूनियन ने अपना रक्षा बजट इतना बढ़ा दिया था कि जनता की दैनिक दिनचर्या

कलयुग की महाभारत और आज का भारत

महाभारत का एक प्रसंग है जहाँ पांडव कौरवों से संधि के लिए जाते हैं. वह कौरवों से मात्र पांच गांव की मांग करते हैं. वो कहते हैं कि चाहें दुर्योधन

सवाल पूछना अच्छा है, पर जब जवाब कड़वा लगे, तो कान बंद मत कर लीजिए

सीमा पर तनाव है. बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से बमबारी जारी है, दो-तीन दिनों पहले उस बमबारी में नौ महीने के एक बच्चे की मौत हो गयी है. और

जमात-ए-इस्लामी पर लगे बैन से J&K में कट्टरपंथी ताकतें कमज़ोर

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतर आयीं हैं. सड़क पर महबूबा का यह आंदोलन राज्य के कट्टरपंथी संगठन ‘जमात-ए-इस्लामी (जम्मू-कश्मीर)’ पर लगाए गए

युद्ध रोकने के लिए युद्ध हो तो हो !

1993- मुम्बई 1998- कोयम्बटूर 2001- संसद हमला 2002- अक्षरधाम 2003/2006- मुम्बई ट्रेन 2005- दिल्ली 2006- वाराणसी 2007- समझौता एक्सप्रेस, हैदराबाद 2008- मुम्बई 26/11 2016- उरी 2019- पुलवामा ….. सैकड़ों और

जब देश आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा हैं तो इतनी घटिया राजनीति ज़रूरी हैं?

राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और अक्षुण्णता बनाए रखने के लिए आवश्यक है धर्म. किन्तु यह धर्म हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई या अन्य नहीं होना चाहिए. यह धर्म सिर्फ और सिर्फ राष्ट्र धर्म होना

अभिनन्दन हो राष्ट्र के नंदन का

हिंदुस्तान की सामरिक शक्ति और राजनयिक सूझबूझ के सामने जिस तरह पाकिस्तान अकेला और कमजोर पड़ा है, उसी का नतीजा है कि उसने महज दो दिन में ही हमारे बहादुर

देश से ऊपर कोई नही है, हम और आप भी नही!

बालकोट हमले के बाद पकिस्तान की छटपटाहट जायज़ है. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान नकारता रहा था कि भारत ने कोई हमला नहीं किया है. इस बार के हमले