Category: OpEd

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कश्मीरी पंड़ितों को एक संबोधन

हे पिंगल, पाणिनि, कल्हण और अभिनव गुप्त की संतानों, भरत, क्षेमेंद्र और आनंद वर्द्धन के वंशजों! विडम्बना है कि तुम्हारे पूर्वजों ने ही समूची दुनिया को पहली बार बताया था

PMGDISHA: आलसी विश्लेषण व सीमित सोच से गलत अवधारणा

देश में हर सरकार द्वारा कुछ न कुछ योजनाएं चलाई जाती रही हैं. देश की बढ़ती हुई जनसंख्या तक संसाधनों की पहुंच बनाने के लिए पिछली कई सरकारों में भी

उत्तर पूर्व की मातृवंशीय परम्परा

सवाल यह उठता है कि वो लोग कौन हैं जो भारत की सनातन परंपरा में स्त्रियों की कोई जगह न होने की बात करते हैं? उनके सतही ज्ञान को उत्तर-पूर्व के समूहों की जेनेटिक संरचना मुँह चिढ़ाती प्रतीत होती है.

बंगाल की समकालीन राजनीति: अंक 2

… गतांक से आगे 1984 के लोकसभा चुनाव के पूर्व, कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता पश्चिम बंगाल की सीटों के लिए उम्मीदवार चुन रहे थे. कोलकाता के जादवपुर लोकसभा सीट

हरियाणा को बदनाम करने की कोशिश क्यों?

हरियाणा सदैव से भारत की प्रगति के पहियों में रफ्तार देने का कार्य करता आया है. भारतीय सेना, खेल और राजनीति में हरियाणा का बोलबाला रहा है. हर क्षेत्र में

LGBT प्रोपगांडा, असलियत कुछ और ही

कुछ समय पहले दिल्ली में हुई LGBT प्राइड परेड में कुछ ऐसा सामने आया जो एक बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा था. परेड में शामिल हुए LGBT समुदाय के

लोकतन्त्र के चौथे खम्बे में लग रही नफरत की घुन

लोकतंत्र चार स्तंभों पर टिका है – न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया. लोकतंत्र को बचाए रखने में इन चारों ही स्तम्भों का योगदान है. परंतु बदलती परिस्थितियों में लोकतंत्र का

सेना और समलैंगिकता पर छिड़ी तर्कहीन बहस

अभी हाल ही में देश के सेनाध्यक्ष ने यह कहा है कि भारत की सेना में ‘समलैंगिकों’ की कोई जगह नहीं है. देश के एक खास अभिजात्य वर्ग ने इस

खेलों से खिल रहा है इंडिया

दिसंबर 2012 में नरेंद्र मोदी गुजरात का चुनाव जीतने के बाद दिल्ली आए तब उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्र-छात्राओं के बीच अपनी बात रखी थी. युवाओं के बीच