भारत में ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या के बराबर लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं. रेल इन यात्रों का एक अभिन्न हिस्सा है. रेल सेवाओं का जनमानस पर प्रभाव भी गहरा होता
भारत में ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या के बराबर लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं. रेल इन यात्रों का एक अभिन्न हिस्सा है. रेल सेवाओं का जनमानस पर प्रभाव भी गहरा होता
‘द हिंदू’ अख़बार में एक फ़िल्म का रिव्यू पढ़ा. वैसे हम फ़िल्म देखने रिव्यू पढ़कर जाते नहीं हैं क्योंकि हम अपनी राय खुद बनाने वालों में से हैं. लेकिन फ़िल्म
अभी एक महिला की फ़ोटो सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ पाई. किसी ने हमारे व्हाट्सएप्प एकाउंट पर भी यह फोटो फेंकी थी. फ़ोटो में एक महिला खड़ी हैं जिनके शरीर पर
इस हफ्ते सीएमआईई द्वारा जारी की गई नौकरियों के आंकड़ों पर बहस हुई है. सीएमआईई ने पिछले एक साल में 1.1 करोड़ नौकरियों के तथाकथित नुकसान पर अपना डेटा जारी
वो मुझे याहू चैट रूम में मिली थी. किशोर कुमार के गाने का ग्रुप था, या लता मंगेशकर का, यह याद नहीं पर हम १५-२० मिनट से हम वन टू
मैं अभी संगमरमर के चमचमाते हुए पत्थरों पर चल रहा हूँ, दीवारें भी संगमरमर से सुसज्जित हैं. दीवारों का रंग नेत्रों को सुख पहुँचा रहा है. अब मन्त्रोच्चारण भी कानों
युनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) एक ऐसा मॉडल है जिसके अन्तर्गत नागरिकों को उनकी आमदनी, रोजगार, संसाधनों और सामाजिक स्थिति से इतर सरकार द्वारा प्रति माह एक राशि दी जाती है
आरक्षण का मुद्दा कई वर्षों से देश में एक ज्वलंत मुद्दा रहा है. दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लाया गया आरक्षण उस वर्ग को खलने लगा था
“का हुआ भेटनर भईया”; हाथ पर लगी पट्टी देखकर चेला टैप लड़के ने पूछा. जबाब मिला; “छुरा लागल बा”. तब बारहवीं में 16 से 19 वर्ष के छात्र हुआ करते
2019 आम चुनाव का वर्ष है. वैसे तो हर चुनाव ही महत्वपूर्ण होते हैं पर यह चुनाव बहुत ही खास है. देखना दिलचस्प होगा कि 2014 मे मिली जीत को