Lopak Staff

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लोपक प्रणाम, बालासाहेब!

6 दिसम्बर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढाँचे को कारसेवकों ने मिटा दिया. आरएसएस, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के तमाम प्रवक्ताओं ने इसे एक सुनियोजित घटना मानने से इनकार

लंका विजय के बाद

तब भारद्वाज बोले, “हे ऋषिवर, आपने मुझे परम पुनीत राम-कथा सुनाई, जिसे सुनकर मैं कृतार्थ हुआ. परन्तु लंका-विजय के बाद बानरो के चरित्र के विषय में आपने कुछ नहीं कहा.

PMGDISHA: आलसी विश्लेषण व सीमित सोच से गलत अवधारणा

देश में हर सरकार द्वारा कुछ न कुछ योजनाएं चलाई जाती रही हैं. देश की बढ़ती हुई जनसंख्या तक संसाधनों की पहुंच बनाने के लिए पिछली कई सरकारों में भी

उत्तर पूर्व की मातृवंशीय परम्परा

सवाल यह उठता है कि वो लोग कौन हैं जो भारत की सनातन परंपरा में स्त्रियों की कोई जगह न होने की बात करते हैं? उनके सतही ज्ञान को उत्तर-पूर्व के समूहों की जेनेटिक संरचना मुँह चिढ़ाती प्रतीत होती है.

सरनेम बदला या व्यक्तित्व?

विवाह के बाद दीपिका पादुकोण ने अपना नाम नहीं बदला लेकिन रणबीर सिंह रणबीर ‘पादुकोण’ होने को तैयार हो गए हैं. आधुनिक भारत की आधुनिक सोच का एक उदाहरण यह

हरियाणा को बदनाम करने की कोशिश क्यों?

हरियाणा सदैव से भारत की प्रगति के पहियों में रफ्तार देने का कार्य करता आया है. भारतीय सेना, खेल और राजनीति में हरियाणा का बोलबाला रहा है. हर क्षेत्र में

LGBT प्रोपगांडा, असलियत कुछ और ही

कुछ समय पहले दिल्ली में हुई LGBT प्राइड परेड में कुछ ऐसा सामने आया जो एक बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा था. परेड में शामिल हुए LGBT समुदाय के

लोकतन्त्र के चौथे खम्बे में लग रही नफरत की घुन

लोकतंत्र चार स्तंभों पर टिका है – न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया. लोकतंत्र को बचाए रखने में इन चारों ही स्तम्भों का योगदान है. परंतु बदलती परिस्थितियों में लोकतंत्र का

सेना और समलैंगिकता पर छिड़ी तर्कहीन बहस

अभी हाल ही में देश के सेनाध्यक्ष ने यह कहा है कि भारत की सेना में ‘समलैंगिकों’ की कोई जगह नहीं है. देश के एक खास अभिजात्य वर्ग ने इस