स्मृति की चुनौती के बीच अमेठी के साथ एक और सेफ सीट पर भागे राहुल गाँधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आने वाले लोकसभा चुनावों में अमेठी के साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। ऐके एंटनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया.

मीडिया से बातचीत करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल जी कई बार यह बात कह चुके हें कि अमेठी हमेशा उनकी कर्मभूमि रहेगी. सुरजेवाला ने राहुल गाँधी के इस फैसले की तुलना प्रधानमंत्री मोदी के 2014 में २ सीटों से लड़ने से भी की.

बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि राहुल गाँधी काफी समय से अमेठी के सर्वे में पीछे नज़र आ रहे थे. ऐसे में कांग्रेस उन्हें सेफ सीट से लड़ाने की जुगत में काफी पहले से लगी हुई थी. अब जब कांग्रेस के इंटरनल सर्वे में भी अमेठी में राहुल गाँधी पिछड़ रहे हैं तो उन्हें वायनाड की सेफ सीट से लड़ाने का फैसला किया है.

विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि प्रियंका गांधी वाड्रा का प्रचार में उतरना कांग्रेस मास्टर स्ट्रोक मान के चल रही थी. लेकिन उनके रोड शो में भीड़ न जुटने और कार्यकर्ताओं में कोई जमीनी उत्साह न दिखने से कांग्रेस को निराशा हाथ लगी.

अमेठी में राहुल गांधी के सामने बीजेपी ने स्मृति इरानी को उतारा है. स्मृति इरानी पिछले पांच वर्ष से क्षेत्र में लगातार सक्रिय रही हैं और उन्होंने बीजेपी का ग्राफ 2009 की तुलना में 2014 में भी काफी बढ़ा दिया था. इस बार उनको मिलते समर्थन से कांग्रेस में बेचैनी साफ़ देखी जा सकती थी.

कांग्रेस के इस कदम को जनता ये भी मान के चल रही है कि हिंदी भाषी क्षेत्रों में कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है. कांग्रेस के इस कदम को जनता कैसे देखेगी उसी के आधार पर कांग्रेस को हिंदी हर्टलैंड में वोट मिलेगा. उम्मीद है कांग्रेस अपने इस कदम को जनता की नज़र में डिफेंड कर पाए.


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