Category: OpEd

Total 156 Posts

सेना तो युद्ध के लिए तैयार है पर क्या आप तैयार हैं?

देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर

पाकिस्तान से युद्ध के अलावा और क्या ऑप्शन है भारत के पास?

देश के क्रोध को आप विभिन्न चैनलों पर देख रहे होंगे. इस आक्रोश के बीच प्रतिशोध का स्वर साफ सुनाई दे रहा है. आज पूरा देश प्रतिशोध चाहता है. सेना

इन परिवारों की उम्मीद अब आपसे है प्रधानमंत्री जी, इन्हें टूटने न दीजिए!

बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश

सैनिकों के बलिदान का बदला लेना जिंगोइस्म नहीं है बुद्धूजीवियों..

पुलवामा के रक्तपात पर बहुत कुछ बोला और लिखा जा रहा है. हर तरफ से रोष का माहौल है. सामान्य नागरिक से ले कर सेना के जवान तक, सबने मुट्ठी

कपिल सिब्बल की धमकी से संविधान खतरे में आया है क्या?

राजनैतिक बिसात पर करारी शिकस्त पाने के बाद परंपरागत राजनीति तो यही कहती है कि अपनी पुरानी भूल सुधार कर जनता की अदालत में दोबारा अपना पक्ष रखा जाना चाहिए.

क्या है इंसोल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड और कैसे इससे बन रहा है न्यू इंडिया

वर्ष 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट को एक दशक बीत चुका है. इस दौरान भारतीय बैंकिंग व्यवस्था अपने सबसे अधिक उथल-पुथल वाले दौर से गुजरी है. नॉन परफार्मिंग एसेट (N.P.A)

नॉर्थईस्ट का कल्चर मज़ाक का विषय नहीं है लल्लन!

देश का प्रधानमंत्री देश का नेता पहले है और अपने दल का नेता बाद में. इसलिए प्रधानमंत्री का एक डिफॉल्ट सम्मान लोकतंत्र में होना चाहिए. लेकिन बहुत से ‘डिजिटल क्षत्रप’

क्या ममता बनर्जी रोक पाएंगी भाजपा के बढ़ते कदम को?

भाजपा के लाख प्रयासों के बाद भी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह को रथयात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी. अमित शाह को

रामलिंगम की हत्या से उजागर हुआ फ़र्ज़ी सेकुलरिस्म का ढोंग

“मैं मस्जिद में आने और प्रार्थना में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हूँ. क्या आप एक हिंदू भगवान को स्वीकार करेंगे? क्या आप हिंदू भगवान को चढ़ाया हुआ भोजन