चाहे कांग्रेस के नेता हों या कांग्रेस का ट्विटर हैंडल, आए दिन वो या तो कभी गलत जानकारी देते हैं या तो कोई बचकाना बयान. पर छीटाकशी के चक्कर में
चाहे कांग्रेस के नेता हों या कांग्रेस का ट्विटर हैंडल, आए दिन वो या तो कभी गलत जानकारी देते हैं या तो कोई बचकाना बयान. पर छीटाकशी के चक्कर में
“…और इस यात्रा की सफलता से…आतंकवादी बौखलाये हुए हैं. लाल चौक पर पोस्टर लगे हुए हैं…जो भी लाल चौक पर तिरंगा लहराएगा, आतंकवादी उसे इनाम देंगे. मैं उनको बता देना
चीन ने एक बार फिर से पाकिस्तान के अंदर पल रहे आतंकवादी मसूद अजहर को बचाने के लिए यूनाइटेड नेशन में दिये गये प्रस्ताव पर अपने वीटो पावर का इस्तेमाल
पाकिस्तान से जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, वह कश्मीर की लड़ाई नही है. पाकिस्तानी एस्टेब्लिशमेंट ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद ही कश्मीर को पाने की उम्मीद छोड़ दी थी.
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी की स्पीच होने वाली थी. स्पीच हुई और वो इतिहास के पन्नों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का विदेशी धरती पर दिए हुए क्रांतिकारी
टीवी समाचारों के उन्माद से आहत एक एंकर भयंकर बार बार आह्वान करते हैं कि टीवी मत देखिए. यह उनलोगों के लिए यह प्रयोज्य नहीं है जो पहले ही टीवी
सोवियत यूनियन के बिखराव के अनेक कारणों में से एक उसका ‘जंगी जुनून’ भी था. सोवियत यूनियन ने अपना रक्षा बजट इतना बढ़ा दिया था कि जनता की दैनिक दिनचर्या
महाभारत का एक प्रसंग है जहाँ पांडव कौरवों से संधि के लिए जाते हैं. वह कौरवों से मात्र पांच गांव की मांग करते हैं. वो कहते हैं कि चाहें दुर्योधन
1993- मुम्बई 1998- कोयम्बटूर 2001- संसद हमला 2002- अक्षरधाम 2003/2006- मुम्बई ट्रेन 2005- दिल्ली 2006- वाराणसी 2007- समझौता एक्सप्रेस, हैदराबाद 2008- मुम्बई 26/11 2016- उरी 2019- पुलवामा ….. सैकड़ों और
हिंदुस्तान की सामरिक शक्ति और राजनयिक सूझबूझ के सामने जिस तरह पाकिस्तान अकेला और कमजोर पड़ा है, उसी का नतीजा है कि उसने महज दो दिन में ही हमारे बहादुर