19 अप्रैल 1995 को मैकआर्थर व्हीलर ने अमरीका के दो बैंको को दिन दहाड़े लूट लिया. साढ़े पांच फ़ीट लम्बे और करीब 110 किलो के व्हीलर ने अपना चेहरा नहीं छुपाया
19 अप्रैल 1995 को मैकआर्थर व्हीलर ने अमरीका के दो बैंको को दिन दहाड़े लूट लिया. साढ़े पांच फ़ीट लम्बे और करीब 110 किलो के व्हीलर ने अपना चेहरा नहीं छुपाया
18 फ़रवरी 2007 को हुए समझौता एक्सप्रेस के बम धमाके में NIA की अदालत ने स्वामी असीमानंद को बाइज़्ज़त बरी कर दिया है. इसके बारे में बहुत सी बातें की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार हूँ’ के चुनावी अभियान की हुंकार भर के वंशवादी चोरों, भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और गबन के आरोपों में जमानत पर छूटे नेताओं की नींद
2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है. योद्धा मैदान में हैं. काफी कुछ ऐसा है जिसको लेकर अटकलें चल रही हैं. अब मीडिया का बाजार होता ही ऐसा है जहां पर
महाज्ञानी चाणक्य जी अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में एक विचार लिखना भूल गए थे. कल हमारे सपने में आकर हमसे कहे; “बेटा हम चाहते हैं कि यह बात तुम मोह
सोशल मीडिया के उत्थान और देश भर में स्मार्टफ़ोन की गहरी पैठ के साथ, हिंदी-भाषी क्षेत्र के व्यावहारिक मतदाता खूब भली भाँति जान रहे हैं कि इस बार मोदी के मुक़ाबले कोई नहीं है. वे अब मीडिया की विवादित राफेल कहानी से मूर्ख बनने के लिए तैयार नहीं हैं. वे जानते हैं कि विपक्ष मुखर है, अनाड़ी है और भ्रम से भरा है. मोदी का अर्थ है स्थिरता, और खंडित गठबंधन का मतलब है समझौता, भ्रष्टाचार और फिर एक बार भाई-भतीजावाद वाली सरकार.
कुल मिलाकर खबरों के बिचौलियों का व्यापार अब मंदा पड़ गया है. इसका असर यह है कि उनका प्रभाव भी कम हो गया है. कई बड़े पत्रकारों की सार्वजनिक खीझ और बौखलाहट से साफ़ दिखाई पड़ता है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि बदलते वक्त के साथ वे अपने आप को कैसे बदलें.
वैसे प्रियंका का यह बयान उन्होंने खुद दिया है या उनके भाषण लिखने वाले ने बुलवाया है, यह तो हमें नहीं पता, लेकिन इतना अवश्य है कि अब नरेंद्र मोदी के हाथ में एक और हथियार दे दिया गया है. भाषण शैली में मोदी कितने पारंगत हैं, इसको खुद लालू यादव ‘ई मोदिया खाली भाषण का राजा है’ बोलकर पहले ही स्वीकार कर चुके हैं.
चाहे कांग्रेस के नेता हों या कांग्रेस का ट्विटर हैंडल, आए दिन वो या तो कभी गलत जानकारी देते हैं या तो कोई बचकाना बयान. पर छीटाकशी के चक्कर में
महाभारत को कुछ दिन ही रह गए हैं. दुर्योधन श्रीकृष्ण से सहायता माँगने द्वारका जा पहुँचा है. उधर जैसे ही पत्रकारों को ख़बर मिली उन्होंने ठान लिया कि ये श्रीकृष्ण