हमारे धार्मिक ग्रंथों की आलोचना करने का फैशन आजकल जोरों पर है. राखी आने वाली हो तो मीडिया में राखी के पितृसत्ता को बढ़ावा देने वाले लेखों की बाढ़ सी
हमारे धार्मिक ग्रंथों की आलोचना करने का फैशन आजकल जोरों पर है. राखी आने वाली हो तो मीडिया में राखी के पितृसत्ता को बढ़ावा देने वाले लेखों की बाढ़ सी
ग्रह नक्षत्रों के विचरण के अनुसार, हरिद्वार, प्रयाग, नासिक और उज्जैन में सदियों से हर तीसरे वर्ष अर्ध या पूर्ण कुम्भ का आयोजन होता है. यह मूल रूप में बृहस्पति
अयोध्या मामले में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गैर-विवादित भूमि उसके मूल मालिकों को वापस करने की मांग की है. 1993 में नरसिंह राव की सरकार
मत्स्य पुराण में वर्णन है कि जब प्रलय आता है, युग का अंत होता है. पृथ्वी जलमग्न हो जाती है और सबकुछ डूब जाता है. उस समय भी चार वटवृक्ष
मैं अभी संगमरमर के चमचमाते हुए पत्थरों पर चल रहा हूँ, दीवारें भी संगमरमर से सुसज्जित हैं. दीवारों का रंग नेत्रों को सुख पहुँचा रहा है. अब मन्त्रोच्चारण भी कानों
जब आपके अपने घर में आग लगी हो तब आप पहले अपने घर की आग बुझाएंगे न कि दूसरे के घरों को बचाएंगे. पर ऐसा ही कुछ केरल में देखने
भारत विविधताओं का देश है, कहा जाता है कि यह एक ऐसा देश है जहां कोस-कोस पर पानी बदल जाता है और हर 2 कोस पर वाणी बदल जाती है.
‘काशी में निकला एक और मंदिर! भव्यता का प्रतीक चिन्ह!’ चाय की चुस्की के साथ यह हेडलाइन दिखी. ट्विटर खोला तो #HeritageLost नाम से एक ट्रेंड चल रहा था. इस
वक़्त के अजीब रंग बालपन से ही देखे थे उसने. जन्म के कुछ साल ही बीते थे कि माई चल बसी. भरा-पूरा संयुक्त परिवार था, बड़की माई ने उसे आँचल
ट्विटर व फेसबुक पर जो बन्धु मंगलवार की सुबह ९ बजे तक हिंदी हार्टलैंड के तीनों प्रदेशों में भाजपा के जीत का दम भर रहे थे, उनमें से कइयों ने