राजनैतिक बिरादरी में मर्यादाओं की सीमा न जाने कब से लांघी जाती रही है. हमारे देश ने अनवरत ऐसी घटनाओं को देखा है जिसने राजनीति के साथ इस देश को
राजनैतिक बिरादरी में मर्यादाओं की सीमा न जाने कब से लांघी जाती रही है. हमारे देश ने अनवरत ऐसी घटनाओं को देखा है जिसने राजनीति के साथ इस देश को
2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है. योद्धा मैदान में हैं. काफी कुछ ऐसा है जिसको लेकर अटकलें चल रही हैं. अब मीडिया का बाजार होता ही ऐसा है जहां पर
राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता है, न तेवर और न कलेवर एवं न मित्र और न शत्रु. भारत की राजनीति में इस समय यह रंग में दिख रहा
मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी को जेल में जाने से रोक लिया है. उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशन द्वारा सोनी एरिक्सन को दिए जाने वाले 453 करोड़ रुपयों को
वैसे प्रियंका का यह बयान उन्होंने खुद दिया है या उनके भाषण लिखने वाले ने बुलवाया है, यह तो हमें नहीं पता, लेकिन इतना अवश्य है कि अब नरेंद्र मोदी के हाथ में एक और हथियार दे दिया गया है. भाषण शैली में मोदी कितने पारंगत हैं, इसको खुद लालू यादव ‘ई मोदिया खाली भाषण का राजा है’ बोलकर पहले ही स्वीकार कर चुके हैं.
थल सेना पीट ही चुकी थी. वायु सेना ने अभी पिछले महीने ही धुआं उड़ाया था, और अब खबर आ रही है कि देश की जल सेना ने भी पाकिस्तान
“…और इस यात्रा की सफलता से…आतंकवादी बौखलाये हुए हैं. लाल चौक पर पोस्टर लगे हुए हैं…जो भी लाल चौक पर तिरंगा लहराएगा, आतंकवादी उसे इनाम देंगे. मैं उनको बता देना
चीन ने एक बार फिर से पाकिस्तान के अंदर पल रहे आतंकवादी मसूद अजहर को बचाने के लिए यूनाइटेड नेशन में दिये गये प्रस्ताव पर अपने वीटो पावर का इस्तेमाल
बड़ा बवाल हो रहा है सर्फ एक्सेल को लेकर. कहा जा रहा है कि यह लव जिहाद का एक प्रकार से प्रमोशन है. इस नश्वर संसार में अगर चिरकाल तक
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी की स्पीच होने वाली थी. स्पीच हुई और वो इतिहास के पन्नों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का विदेशी धरती पर दिए हुए क्रांतिकारी