लग रहा है भारत की जलसेना ने भी पाकिस्तान पर हाथ साफ कर लिया है

थल सेना पीट ही चुकी थी. वायु सेना ने अभी पिछले महीने ही धुआं उड़ाया था, और अब खबर आ रही है कि देश की जल सेना ने भी पाकिस्तान पर अपना हाथ साफ कर लिया है.

जब पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था तब देश का सारा ध्यान भारतीय वायु सेना पर था. वायु सेना ने अपने पराक्रम का सैंपल दिखाते हुए एक पाकिस्तानी एफ -16 जेट को मार गिराया था और उससे पहले बालाकोट में 1000 किलो के बम से पाकिस्तान में धुआं-धुआं वाला माहौल कर दिया था. वो वातावरण पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर आप आज भी देख सकते हैं. भारतीय सेना सहित वायु सेना और जल सेना भी हाई अलर्ट मोड में थी. अब यह खुलासा किया गया है कि भारतीय नौसेना को भी देश के पश्चिमी तट पर पाकिस्तान की ओर से किसी भी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही के निर्देश के साथ तैनात किया गया था.

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पुलवामा हमले के बाद उत्तरी अरब सागर में संचालन के लिए भारतीय नौसेना की तेजी से तैनाती की गई थी. भारतीय नौसेना उस समय TROPEX 2019 (थिएटर लेवल रेडीनेस एंड ऑपरेशनल एक्सरसाइज) में पहले से ही भाग ले रही थी, जो भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का एक अंतर-सेवा सैन्य अभ्यास है. इस अभ्यास के कारण भारतीय नौसेना के संसाधन अरब सागर में मौजूद थे. पुलवामा हमले के बाद, TROPEX 2019 की कवायद को विराम दे दिया गया था, लेकिन अब नौसेना ने खुलासा किया है कि नौसेना की प्रमुख लड़ाकू इकाइयों को अभ्यास से परिचालन तैनाती मोड में तेजी से स्थानांतरित किया गया था क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. इसमें INS विक्रमादित्य के नेतृत्व में कैरियर बैटल ग्रुप, परमाणु पनडुब्बी और अन्य युद्धपोतों, पनडुब्बियों और भारतीय सशस्त्र बलों के विमानों के स्कोर शामिल थे. इनकी तैनाती पाकिस्तानी तट के करीब उत्तरी अरब सागर में की गई थी.

रक्षा मंत्रालय में अपनी विज्ञप्ति में बताया है कि भारतीय नौसेना के लगभग 60 जहाज, भारतीय तटरक्षक बल के 12 जहाज और 60 विमान TROPEX 19 का हिस्सा थे. नौसैनिक बलों की प्रमुख विशेषताओं में से गतिशीलता, शिष्टता और भूमिकाओं को बदलने की बहुमुखी प्रतिभा है. TROPEX 19 के संचालन के प्रैक्टिस में इतनी बड़ी संख्या में लड़ाकू तैयार परिसंपत्तियों की उपलब्धता ने भारतीय नौसेना को तीन सेवाओं के साथ तालमेल में विकासशील स्थिति पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की अनुमति दी थी.

तीनों आयामों में भारतीय नौसेना की अत्यधिक श्रेष्ठता ने पाकिस्तानी नौसेना को मकरान तट के करीब तैनात रहने और खुले समुद्र में आवारा की तरह घूमने से रुकने के लिए मजबूर कर दिया था.

सूत्रों का कहना है कि कुछ दिन पहले भारत की सीमा पर कुछ पाकिस्तानी नावों को चहलकदमी करते हुए देखा गया था. जानकारी यह आ रही है कि कल रात हमारी जल सेना ने अपने संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान द्वार चलाई जा रही साज़िश को जवाब देने के लिए उनकी नावों को घेर लिया था. ख़बर तो यह भी है कि हमारे मारकोस उन पाकिस्तानी नावों में घुसकर पाकिस्तानियों को खाने भर दे आये हैं. सोचिये की इस बार सेवा इतनी ज़ोरदार हुई है कि उस तरफ से आवाज़ भी नहीं आ रही है.

एक सत्य तो अब दुनिया को स्वीकार कर ही लेना चाहिए कि विश्व पटल पर कुछ देश ऐसे भी हैं जो श्वान रूपी पूँछ की तरह हैं जिनको कितना भी सीधा करने का प्रयास किया जाए, वो टेढ़े ही रहते हैं. भारत के नेतृत्व की क्षमता से बौखलाया पाकिस्तान इस समय अवश्य ताक में बैठा होगा. लेकिन भारतीय जल सेना द्वारा की गई विधिवत सिकाई से अभी उनके कान गरम होंगे. उनको गरम ही रखना है. बाकी की चींख चिल्लाहट तो राजनैतिक बिरादरी करती ही रहती है.




दावा त्याग – लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. आप उनको फेसबुक अथवा ट्विटर पर सम्पर्क कर सकते हैं.