कॉलोनी बनने के समय से एक दद्दू यहाँ रहते हैं. आज से 15 साल पहले भी दद्दू साठ वर्ष के दिखते थे, आज भी 60 वर्ष के ही लगते हैं.
कॉलोनी बनने के समय से एक दद्दू यहाँ रहते हैं. आज से 15 साल पहले भी दद्दू साठ वर्ष के दिखते थे, आज भी 60 वर्ष के ही लगते हैं.
“हम इस प्रक्रिया से संतुष्ट हैं. भारत जैसा देश ऐसे सौदों में देरी नहीं कर सकता. यह भारत के भविष्य के लिए आवश्यक है. सौदे में कुछ भी गलत नहीं
यह कहानी उस दौर की है जब लडकियाँ ‘बोल्ड और साइज़ ज़ीरो’ नहीं, शर्मीली और गदराई होती थीं. उनका जीन्स से वास्ता नहीं था और दुपट्टे को वे अनिवार्य समझती
शीर्षक : गंजहों की गोष्ठी लेखक : साकेत सूर्येश प्रकाशक : नोशन प्रेस कौन हैं ये गंजहे और कहाँ से आते हैं? आख़िर क्यों इन ‘गंजहों की गोष्ठी’ हो रही
भाजपा की हार हो चुकी है. हार की समीक्षा होनी चाहिए. आइए, समीक्षा करते हैं. इस चुनाव में सबसे बड़ी बात यह रही कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15
दत्ताजी सिंधिया को पेशवा बालाजी बाजीराव ‘ईश्वरचा सिपाही’ कहते थे. एक ऐसा योद्धा जो देवताओं की तरह लड़ता था और शत्रु दल पर दावानल बनकर टूट पड़ता था. रघुनाथ
शादियों का सीजन आ चुका है. प्रियंका चोपड़ा की शादी के बाद कल मुकेश अम्बानी की बेटी ईशा की शादी अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हो रही
अरे, आपको मंदिर चाहिए कि विकास? विकास के पथ पर मंदिर कहाँ आते हैं? ये तो बस मंदिर पर वोट बटोरने आये हैं. ये देश तोड़ेंगे. जातिवादी…सावरकर के फॉलोवर्स…अंग्रेजों
अंतिम लड़ाई का बिगुल फूँक दिया गया था. जस्टिस खेहर ने कहा कि हम 5 दिसंबर को यह मामला सुनेंगे. 5 दिसंबर को क्या हुआ, 2 मिनट में क्या निर्णय
लौह पुरुष की जन्म जयन्ती 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा