Lopak Staff

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नमामि गंगे से बदल रही है गंगा की तस्वीर – भाग 1

माँ गंगा हमारी सनातन संस्कृति को अपनी धारा के साथ समूचे देश में प्रवाहित करती है. युगांतरो से बह रही गंगा ने मुग़लों की क्रूरता से ले कर अंग्रेजों का

फिर एक क्रांति

दौर ऐसा था कि लाइसेंस परमिट राज पूरा गया नहीं था, उदारवाद उमड़कर आया नहीं था. साम्यवाद अभी सरका नहीं था, राष्ट्रवाद पूरा भड़का नहीं था. सदाबहार समाजवाद सौ दिन

क्या सरकार आपकी जासूसी करना चाह रही है?

अफवाहों का दौर है. सम्हल कर चलने में ही भलाई है. यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज कल अफवाहें किसी वायरल रोग की तरह फैला दी जा रही

क्या डरा रहा है नसीरुद्दीन को?

“मियाँ नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा कहा गया है. वे साधारण नानबाई नहीं हैं. वे खानदानी नानबाई हैं. अन्य नानबाई रोटी केवल पकाते हैं, पर मियाँ नसीरुद्दीन अपने पेशे को

किसको है काशी के पुनर्निर्माण से समस्या?

‘काशी में निकला एक और मंदिर! भव्यता का प्रतीक चिन्ह!’ चाय की चुस्की के साथ यह हेडलाइन दिखी. ट्विटर खोला तो #HeritageLost नाम से एक ट्रेंड चल रहा था. इस

चुनाव परिणामों पर प्रहसन

एग्जिट पोल के बाद ‘लिख ल्यो’ कहकर चौड़े होने वाले ठंडे पड़ चुके थे. उससे पहले उनकी चुनावी भविष्यवाणी के आत्मविश्वास से चुनाव आयोग भी संशय में पड़ जाता था

राजस्थान सरकार की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह

‘इयां लागे 5 घण्टे में औरंगज़ेब राज आग्यो” राजस्थान के एक राजपूत पिता ने अपना दुखड़ा पुलिस को सुनाते हुए कहा. उस पिता की बेटी की छाती पर हाथ मारते

1984 दंगो में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सजा

देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह अपनी उत्तरी यमन की यात्रा को अधूरा छोड़कर फौरन भारत के लिए रवाना हो चुके थे. दिल्ली पहुँचकर उनकी मंज़िल थी दिल्ली स्थिति