आज की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए हमें एक बार इतिहास में जाने की आवश्यकता है. क्या होगा, या क्या नहीं होगा, यह तो बाद की बात है. पहले यह
आज की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए हमें एक बार इतिहास में जाने की आवश्यकता है. क्या होगा, या क्या नहीं होगा, यह तो बाद की बात है. पहले यह
19 अप्रैल 1995 को मैकआर्थर व्हीलर ने अमरीका के दो बैंको को दिन दहाड़े लूट लिया. साढ़े पांच फ़ीट लम्बे और करीब 110 किलो के व्हीलर ने अपना चेहरा नहीं छुपाया
2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है. योद्धा मैदान में हैं. काफी कुछ ऐसा है जिसको लेकर अटकलें चल रही हैं. अब मीडिया का बाजार होता ही ऐसा है जहां पर
महाज्ञानी चाणक्य जी अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में एक विचार लिखना भूल गए थे. कल हमारे सपने में आकर हमसे कहे; “बेटा हम चाहते हैं कि यह बात तुम मोह
वैसे प्रियंका का यह बयान उन्होंने खुद दिया है या उनके भाषण लिखने वाले ने बुलवाया है, यह तो हमें नहीं पता, लेकिन इतना अवश्य है कि अब नरेंद्र मोदी के हाथ में एक और हथियार दे दिया गया है. भाषण शैली में मोदी कितने पारंगत हैं, इसको खुद लालू यादव ‘ई मोदिया खाली भाषण का राजा है’ बोलकर पहले ही स्वीकार कर चुके हैं.
लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. सभी पार्टियों ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों व कार्यकर्ताओं को युद्ध स्तर पर कार्य करने का आदेश दे दिया है. सभी पार्टियां एक-एक सीट
भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने भारत में सबसे अधिक राज किया है. एक समय यह पार्टी भारत में शिखर पर होती थी, लेकिन वंशवाद, खराब नीतियों व घोटालों
प्रियंका गाँधी (यदि वाड्रा कहने में संकोच हो) का राजनीति में पदार्पण पर यह थी एक पोर्टल की ऑनलाइन खबर की टाइटल. प्रियंका गाँधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाते