Category: OpEd

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आडवाणी जी को लोपक प्रणाम!

आडवाणी जी का जीवन सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए अनुकरणीय है. उनके लिए भी जो उनसे वैचारिक सहमति रखते हैं और उनके लिए भी जो असहमति रखते हैं. 91 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय हैं, स्वस्थ हैं. कभी विचारधारा से समझौता नही किया. चालू राजनीति के हिसाब से खुद को ढालने की जगह राजनीति को ही अपनी विचारधारा के हिसाब से बदल दिया. व्यक्तिगत जीवन मे भी उच्च आदर्शों का पालन किया. कभी भ्रष्टाचार से समझौता नही किया. लाखों कार्यकर्ता और सैकड़ों नेताओं को राजनीति के लिए तैयार किया. परिवारवाद से दूर रहे. लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति में हमेशा मील के पत्थर रहेंगे.

अमेठी की लड़ाई: राहुल गाँधी के समाने आगे कुआँ पीछे खाई

कल भाजपा की 2019 चुनावो के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी से चुनाव लड़ने की पुष्टि हो गई. लंबे समय से चले आ

राजनैतिक शुचिता की क्लास में बैक बेंचर बने केजरीवाल

राजनैतिक बिरादरी में मर्यादाओं की सीमा न जाने कब से लांघी जाती रही है. हमारे देश ने अनवरत ऐसी घटनाओं को देखा है जिसने राजनीति के साथ इस देश को

कांग्रेस में सब सही तो चल रहा है?

2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है. योद्धा मैदान में हैं. काफी कुछ ऐसा है जिसको लेकर अटकलें चल रही हैं. अब मीडिया का बाजार होता ही ऐसा है जहां पर

कर्नाटक में लोकतंत्र खतरे में है!

भारत में 2014 से ही ‘लोकतंत्र ख़तरे में है’ का राग आए दिन अलापा जाता रहा है. वास्तव में यदि किसी देश में लोकतंत्र खतरे में हो तो यह उस देश के लिए अच्छा

होली आ रही है, लिबरल भी आते होंगे..

पिछले कुछ वर्षों से कुछ चलन ऐसे बन गए हैं जो एक नज़र में शायद सही लगे पर अंततः केवल दोहरे पैमाने वाली औपचारिकता मात्र रह जाते हैं. जैसे एक

क्यूंकि खून हमेशा पानी से गाढ़ा होता है

मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी को जेल में जाने से रोक लिया है. उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशन द्वारा सोनी एरिक्सन को दिए जाने वाले 453 करोड़ रुपयों को

मुझे पता है कि चौकीदार ईमानदार है, क्योकि मैं भी चौकीदार हूँ!

कम्युनिस्ट तानाशाह निकोलाइ चाउसेस्क्यू ने सन 1965 से यूरोप के देश रोमानिया में शासन किया. 1989 में पोलैंड, पूर्वी जर्मनी (उस समय यह एक अलग देश था), हंगरी, बुल्गारिया, चेकोस्लोवाकिया