राहुल गांधी क्यों झूठ बोल रहे है? – ये सवाल आज हर भारतीय के मन मे आना चाहिए. आखिर वे चाहते क्या है? राफेल मुद्दे पे एक के बाद एक
राहुल गांधी क्यों झूठ बोल रहे है? – ये सवाल आज हर भारतीय के मन मे आना चाहिए. आखिर वे चाहते क्या है? राफेल मुद्दे पे एक के बाद एक
पर्यावरण संरक्षण, पितृसत्ता और महिला अधिकार ऐसे शब्द और कार्यक्रम हैं जिनका वामपंथियों द्वारा आज भारतीय परंपरा, संस्कृति के ऊपर शस्त्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है. एक
2019 आम चुनाव का वर्ष है. वैसे तो हर चुनाव ही महत्वपूर्ण होते हैं पर यह चुनाव बहुत ही खास है. देखना दिलचस्प होगा कि 2014 मे मिली जीत को
एक अंग्रेजी हुकूमत का अधिकारी जो बंगाल सिविल सेवा में पास हो कर साल 1849 में ब्रिटिश सरकार का अधिकारी बना था, उसने एक पार्टी का गठन किया, नाम था
देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार देश को किसी संभावित अप्रिय घटना से बचा लिया है. इन एजेंसियों ने फिर वह कारनामा कर दिखाया है जिसके लिए वे जानी
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए हालिया चुनावों में सबका ध्यान मुख्यत: ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहा. राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने चुनावी लाभ के लिए बढ़-चढ़ कर
सवेरे ट्विटर खोला तो नज़र पड़ी देश की एक दुखदायक घटना पर. एक मोहतरमा को परीक्षा में केवल इसलिए नहीं बैठने दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब पहन रखा था. वैसे
जब सलमान खान को काले हिरन शिकार मामले में 5 साल की सज़ा होने की खबर आई तो मीडिया से ले कर बुद्धिजीवी वर्ग सलमान के लिए छाती पीटने लगा.
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनावों में हार पे विवेचना में ब्ज्प आईटी सेल के कार्यो और उपलब्धियों की भी विवेचना होनी चाहिए
पंथ या विचार की सेवा करना सद्कर्म है, स्वयंसेवा के लिए प्रवृत्त होना पुण्य. आइआइटी मुम्बई के छात्र रहे रहे और संप्रति एक कंपनी के सीएमओ अनुराग दीक्षित (@bhootnath) ने