कांग्रेस की रैलियों में कम होती भीड़ को चाहे कितना ही IT सेल वाले फोटोशॉप कर सच छुपाने की कोशिश करें पर सच को कब तक छुपा सकते हैं. पिछले
कांग्रेस की रैलियों में कम होती भीड़ को चाहे कितना ही IT सेल वाले फोटोशॉप कर सच छुपाने की कोशिश करें पर सच को कब तक छुपा सकते हैं. पिछले
देश की सबसे पुरानी पार्टी के रूप में पहचानी जाने वाली पार्टी कांग्रेस की पिछले लोकसभा चुनाव में बुरी हार हुई थी. यह हार इतनी बड़ी थी कि भाजपा की
दोस्तों, इकोलॉजी में ‘कंपीटिटिव एक्सक्लूशन प्रिंसिपल’ नामक एक अवधारणा है. सिद्धांत यह है कि एक ही संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले दो जीव दीर्घकालिक समय के लिए सह-अस्तित्व में नहीं रह सकते.
हिंदुत्व के आन्दोलन से जुड़े संगठनों और उनसे सहानुभूति रखने वाले राजनीतिक दलों पर यह आरोप अक्सर ही लगता है कि जिस वैभवकाल को ये वापस लाने की बात करते
करीब 200 से अधिक अज्ञात-प्रख्यात लेखक केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने एक बयान के साथ आगे आए हैं. कुछ दिन पहले ही, कुछ अज्ञात-प्रख्यात फिल्म निर्माताओं ने भी
भारतीय रेलवे ने पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कैंपेन के मामले में काफी प्रगित हासिल की है. रेलवे की इंडियन कोच फैक्ट्री, माडर्न कोच फैक्ट्री और रेल कोच फैक्ट्री ने मिलकर वित्त वर्ष 2018-19 में
आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कालाहांडी में जनता को संबोधित करते देखा तो याद आया. कालाहांडी, जहाँ से श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1980 में ग़रीबी हटाओ
सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है. यह वीडियो नरेंद्र मोदी का है, जहां वो नए लांच हुए चैनल TV9 भारतवर्ष के समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचे थे. पुराने
एक हारे हुए असफल राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य ही अपने से बेहतर राष्ट्र को नीचा दिखाना होता है. पाकिस्तान का भी कुछ ऐसा ही हाल रहा है. भारत से हर
… गतांक से आगे इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता कि एक जन्म लेने वाले दुधमुंहें बच्चे से लेकर जीवन की अंतिम श्वास लेने वाले वृद्ध तक सभी जीवन