आज अटल जी का 94वां जन्मदिन है. उनके देहावसान के बाद ये उनका पहला जन्मदिन है. सशरीर तो वे यहाँ नही हैं लेकिन अपने कृतत्व के माध्यम से सदा ही
आज अटल जी का 94वां जन्मदिन है. उनके देहावसान के बाद ये उनका पहला जन्मदिन है. सशरीर तो वे यहाँ नही हैं लेकिन अपने कृतत्व के माध्यम से सदा ही
पांच विधानसभाओं के चुनाव परिणामों ने राहुल गांधी और कांग्रेस में एक नई जान फूंक दी है। इससे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की लड़ाई ख़ासी दिलचस्प हो गई
“मियाँ नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा कहा गया है. वे साधारण नानबाई नहीं हैं. वे खानदानी नानबाई हैं. अन्य नानबाई रोटी केवल पकाते हैं, पर मियाँ नसीरुद्दीन अपने पेशे को
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनावों में हार पे विवेचना में ब्ज्प आईटी सेल के कार्यो और उपलब्धियों की भी विवेचना होनी चाहिए
अरे, आपको मंदिर चाहिए कि विकास? विकास के पथ पर मंदिर कहाँ आते हैं? ये तो बस मंदिर पर वोट बटोरने आये हैं. ये देश तोड़ेंगे. जातिवादी…सावरकर के फॉलोवर्स…अंग्रेजों
गतांक से आगे … ताला खुलवाने की लड़ाई जीती जा चुकी थी. अब संघर्ष कानूनी रुप से यह सिद्ध करने का था कि वहाँ एक मंदिर पहले से ही था.
1993 में भैरो सिंह शेखावत की लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी हुई थी. तब से 25 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन राजस्थान में किसी भी सरकार को लगातार दो