दिल्ली सरकार ठंड का महीना आते ही अब तक तो केवल आपके गाड़ी के आरामदायक सफर पर ही नज़र गड़ाए बैठी होती थी पर अब उनकी नज़र शादी में आपकी थाली में परोसे जाने वाले पनीर और कबाब पर भी है. जी हाँ! यह खबर जहां काफी कॉलेज जाने वाले और होस्टल में रहने वाले युवकों के लिए दुखदायी है, वहीं आपके पड़ोसी जो कि पूरी प्लेट भर लेने के बाद बाद भी डकारते हुए खाने की बुराई करते हैं उनके लिए भी कम बुरी नहीं है.
बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में शादी में खाने की बर्बादी और केटरर द्वारा बचे हुए खाने का अगली किसी शादी में इस्तेमाल होने की आशंका से शादी में बुलाए जाने वाले मेहमानों पर नकेल कसने की अपील की है. इस खबर के आने के बाद लोपक संवाददाता ने स्थानीय लोगों से इस विषय में बात की, लाजपत नगर में रहने वाले वीके सक्सेना जी गुस्से से आग बबूला होते हुए बोले ‘ये भी कोई बात होती है भला, एक तो इस साल वैसे ही इतने कम लग्न थे. इतने सालों से दिसबंर में कम से कम 15 शादियों के कार्ड आते रहे हैं, उस हिसाब से दिसंबर महीने में एक टाइम का खाना हमारा पूरा परिवार बाहर ही खाता रहा है. इस बहाने मिसेज भी खुश रहती हैं, उन्हें भी एक टाइम खाने बनाने से मुक्ति मिल जाती है. ये केजरीवाल जी खुद तो रोज़ समोसा कचौड़ी गप्प करते रहते हैं, लिफाफे में 500 रुपये रखे तोे इतना तो बनता है, होटल में 4 आदमी खाना खाकर आए तो 1500 से कम का बिल नहीं आता। अब आम आदमी करे तो क्या करे? 4 टाइप के पनीर घर में तो नहीं बनते हैं ना!’.
वहीं सक्सेना जी के पड़ोसी इस फैसले से खुश थे उनका कहना था कि ‘जितनी शादियाँ उतने लिफाफे, आजकल तो 1000 रुपये से कम रखो तो लोग अगले दिन ऐसे देखते हैं जैसे कोई क्रिमिनल जेल से छूट कर आया हो. अच्छा ही है फालतू कार्ड आने बंद होंगे, नहीं तो व्यवहार रखने की मजबूरी के चलते हर शादी में जाना पड़ता था. आम आदमी का ख्याल केवल केजरीवाल जी को ही आता है।’ खबर है कि शादियों में बुलाए जाने वाले मेहमानों के लिए GST के तहत GRR- Guest rationing rules के नियम तैयार किए जा रहे हैं. काफी कोशिशों के बाद लोपक टीम को इसका एक ड्राफ्ट हाथ लगा है, लोपक के पाठकों के लिए विशेष नीचे प्रस्तुत किया जा रहा है.
| Guest Ration Rules, 2018 | अतिथि राशन नियम, 2018 (गेस्ट राशन रूल्स) |
| GRR would be application on “Nominated Guest” as against the present concept of unregulated Guests in marriage function. | GRR केवल नामांकित मेहमानों पर लागू होगा, पहले ये अनगिनत मेहमानों (जिनको थोक में शादी का कार्ड भेजा जाता था) |
| GRR would be based on the principle of “Tu Janta hai mera baap kaun hai” against present principle of “Aap ka Swagat Hai”. Nominated guest will be selected based on the fact that both bride and groom should know guest and their father. | GRR में मेहमानों की आवभगत नहीं की जाएगी बल्कि जो मेहमान ‘जानता है मेरा बाप कौन है’ बोलने के आदि है उनकी आवभगत पर आधारित होगी, बशर्ते दूल्हा और दुल्हन दोनों उस मेहमान के बाप..हमारा मतलब है पिताजी को जानते हों। |
| It would be Dual GRR with Centre and State simultaneously determining guest list to common base. GRR to be determined by Centre will be called as Central GRR(CGRR) and that to be determined by states [including Union territories with legislature] would be called as State GRR (SGRR). Union Territory without legisture would levy Union Territory GRR (UTGRR). | मेहमानों पर दोहरा GRR लागू होगा। केंद्र और राज्य एक साथ आम आधार पर अतिथि सूची निर्धारित की जायेगी। केंद्र द्वारा निर्धारित जीआरआर को केंद्रीय जीआरआर (सीजीआरआर) कहा जाएगा । और राज्यों (विधायिका के साथ संघ शासित प्रदेशों सहित)द्वारा निर्धारित किए जाने के लिए राज्य जीआरआर (एसजीआरआर) कहा जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश संघ शासित प्रदेश जीआरआर (यूटीजीआरआर) लेगा। अंतरराज्यीय विवाह वर वधु निवास के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। |
| An Integrated (Integrated Guest Ration – IGRR) would be determined on interstate marriage. This will be determined by Central government so that Federal structure of constitution can be protected. | इंटरस्टेट विवाह पर एक एकीकृत (एकीकृत अतिथि राशन – आईजीआरआर) निर्धारित किया जाएगा। यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा ताकि संविधान की संघीय संरचना को संरक्षित किया जा सके। |
| In case of bride or groom being foreign national, it would be treated as Interstate marriage and would be subject to Integrated Guest Ration (IGRR) in addition to guest who came on marriage visa from foreign country. | NRI दूल्हा दुल्हन होने पर भी मेहमानों की कमान केंद्र के हाथ में रहेगी। विदेश मंत्रालय ने शादी के लिए NRI दूल्हा दुल्हन को अलग से वीज़ा देने का सुझाव दिया है। अर्थात कनेडे वाले प्रा और परजाई जी को अब शादी के लिए वीजा लेना पड़ेगा। |
| Nominated Guest are eligible to Breakfast (Rs 300)Lunch (Rs 600)Dinner (Rs 600) With value not more than Rs 1500 per day. Each State government need to issue recommended menu in Gazette. Menu Should contain maximum Three Roti/ChapatiOne VegetableOne Bowl of DaalOne SweetOne bowl of riceSmall portion of Sweet. Sonpapdi is recommended1 small packet of mouth freshener 1 Small bottle of water | नामांकित मेहमानों को नाश्ता – 300 रुपये दोपहर का खाना – 600 रुपये रात का भोजन – 600 रुपये राज्य सरकारों को गजेटेड खाने का मेनू निकालना होगा। मेनू में अधिकतम निम्नलिखित चीजें सम्मिलित होंगी: 3 रोटी 1 सब्ज़ी (सक्सेना जी के 4 प्रकार के पनीर तो अब होटल में ही मिल पाएंगे) 1 कटोरी दाल 1 कटोरी चावल 1 कटोरी मीठा मुखवास का एक पैकेट मिठाई (सोनपापड़ी हो तो बेहतर, दिवाली में हर गली मोहल्ले से सोनपापड़ी के डब्बे मिलते है बिटिया की शादी में मीठे का खर्चा बचाइए उसे इस्तेमाल कर के) 1 बोतल पानी |
| A Common threshold exemption would apply to both CGRR and SGRR. Guest invitation less than 50 (100 for special category states (except J&K as specified in the article 297 A of the Constitution) would be exempt from the GRR. Compounding option without (i.e. to invite guests at fix number without credits) would be available to small marriage functions. | सीजीआरआर और एसजीआरआर दोनों में एक सामान्य दहलीज छूट लागू होगी। 50 से कम अतिथि निमंत्रण, छोटे विवाह समारोह, (विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 100 (संविधान के अनुच्छेद 297ए में उल्लिखित जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) को जीआरआर से मुक्त किया जाएगा। बिना कंपाउंडिंग विकल्प (यानी क्रेडिट के बिना फिक्स नंबर पर मेहमानों को आमंत्रित करना) के लिए उपलब्ध होगा। |
| Input credit will be available to marriage functions where bride, groom or their immediate family member has attended marriage function of nominated guest. Such nominated guest will not be calculated for the number of guests for upper limit. | शादी में आए हुए नामांकित मेहमानों की शादी में अगर दूल्हा दुल्हन या उनका परिवार का कोई सदस्य जाता है तो उन्हें इनपुट क्रेडिट प्राप्त होगा। नामांकित मेहमान जिनकी शादी में आप खाना खा चुके हैं अगर वो आपकी शादी में आते हैं तो उन्हें आपको नामांकित मेहमानों की सूची में नही रखना होगा वो प्री इंवाईटेड होंगे। |
| Credit of CGRR on input may be used only for attending marriages under CGRR and credit for SGRR/UTGRR may be used inviting guests under SGRR/UTGRR. In other words, two streams of input Guest credit (IGC) cannot be cross utilized, except in specified circumstances of inter-state marriages. Credit would be permitted to be utilized in the following manner a) IGC of CGRR allowed for inviting guest of CGRR and IGRR in that orderb) IGC of SGRR allowed for inviting guest of SGRR and IGRR in that orderc) IGC of UTGRR allowed for inviting guest of UTGRR and IGRR in that order d) IGC of IGRR allowed for inviting guest of IGRR, CGRR & SGRR/UTGRR in that order. IGC of CGRR cannot be used for inviting guest of SGRR/UTGRR and vice versa | इनपुट पर सीजीआरआर का क्रेडिट केवल सीजीआरआर के तहत विवाह में भाग लेने के लिए उपयोग किया जा सकता है और एसजीआरआर / यूटीजीआरआर के लिए क्रेडिट का उपयोग एसजीआरआर / यूटीजीआरआर के तहत मेहमानों को आमंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, अंतर-राज्य विवाह की निर्दिष्ट परिस्थितियों को छोड़कर, इनपुट अतिथि क्रेडिट (आईजीसी) की दो धाराओं का उपयोग पार नहीं किया जा सकता है। निम्नलिखित तरीके से क्रेडिट का उपयोग करने की अनुमति होगी ए) सीजीआरआर के आईजीसी को सीजीआरआर और आईजीआरआर के अतिथि उस क्रम में आमंत्रित करने की अनुमति दी गई हैबी) एसजीआरआर के आईजीसी को एसजीआरआर और आईजीआरआर के अतिथि उस क्रम आमंत्रित करने की अनुमति दी गई हैसी) यूटीजीआरआर के आईजीसी को यूटीजीआरआर और आईजीआरआर के अतिथि उस क्रम को आमंत्रित करने की अनुमति दी गई हैडी) आईजीआरआर के आईजीसी को आईजीआरआर, सीजीआरआर और एसजीआरआर / यूटीजीआरआर के अतिथि को उस क्रम में आमंत्रित करने की अनुमति दी गई है। सीजीआरआर के आईजीसी सीजीआरआर के आईजीसी का उपयोग एसजीआरआर / यूटीजीआरआर के अतिथि को आमंत्रित करने के लिए नहीं किया जा सकता है |
| Provision for penalties for contravention of the provision of the proposed legislation has been made | प्रस्तावित कानून के प्रावधान के उल्लंघन के लिए दंड के लिए प्रावधान किया गया है |
| Advance Ruling Authority would be constituted by States in order to enable the Marriage seeking couple to seek a binding clarity on Guest Invitation matters from the department. Centre would adopt such authority under CGRR Act. | विभाग से अतिथि आमंत्रण मामलों पर बाध्यकारी स्पष्टता की तलाश करने के लिए विवाह की मांग करने के लिए राज्यों द्वारा अग्रिम नियम प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। केंद्र सीजीआरआर अधिनियम के तहत इस तरह के प्राधिकारी को अपनाएगा। |
| It is proposed to use following mechanism to strict enforcement of the law Appointing Inspector to enforce limits on the guest as per the proposed actInstalling Drawn Camera on Each Guest’s head to check how much he/she is eatingInstalling wifi enabled plates which will transmit the data from plate to centrally monitored cell in case guest waste the food | कानून के सख्त प्रवर्तन के लिए निम्नलिखित तंत्र का उपयोग करने का प्रस्ताव है • प्रस्तावित अधिनियम के अनुसार अतिथि पर सीमा लागू करने के लिए इंस्पेक्टर की नियुक्ति • यह जांचने के लिए कि वह कितना खाना खा रहा है, प्रत्येक अतिथि के सिर पर खींचे गए कैमरे को स्थापित करना • केंद्रीय निगरानी कक्ष वाईफ़ाई सक्षम प्लेट माध्यम से अतिथि द्वारा बर्बाद भोजन का निरीक्षण जारी रखेंगे |
| Relatives – Clearly defined in Facebook profile of bride or groom ( Facebook is also instructed to add different relationship status as per the Indian requirement)Part of Family whatsapp groupFriends, School, college, office, train, smoking friend, drinking buddies except tinder friends or friends with benefits Dilli ke Malik | रिश्तेदार – फेसबुक पे जिनके साथ आपका रिश्ता सार्वजनिक हों वही रिश्तेदार माने जाएंगेजो परिवारवाले आपको व्हाट्सएप ग्रुप में रोज़ गुलाब की फोटो के साथ goodmorning विश करते होंदोस्त जो स्कूल कॉलेज, ऑफिस में साथ रहे हों। साथ में सुट्टा और दारू पीने वाले दोस्तों को अलग से निमंत्रणदिल्ली के मालिक (आपके हिसाब से जो भी हों) |

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