कहने को तो वह धीर को दस साल से जानती थी, लेकिन जब तक एक ही क्लास में थे तब तक तो सामान्य बातचीत भी नहीं थी. एक दिन दोनों
कहने को तो वह धीर को दस साल से जानती थी, लेकिन जब तक एक ही क्लास में थे तब तक तो सामान्य बातचीत भी नहीं थी. एक दिन दोनों
मेरा उद्यम ऐसा है कि फुरसत मुझे मिलती नहीं, फ्री कभी मैं होता नहीं. कभी क्लाइंट की खुशी के लिए पानी भरता हूँ, कभी फॉरेन कोलाबोरेशन में लगता हूँ. जब