देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर
देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर
देश के क्रोध को आप विभिन्न चैनलों पर देख रहे होंगे. इस आक्रोश के बीच प्रतिशोध का स्वर साफ सुनाई दे रहा है. आज पूरा देश प्रतिशोध चाहता है. सेना
बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश
पुलवामा के रक्तपात पर बहुत कुछ बोला और लिखा जा रहा है. हर तरफ से रोष का माहौल है. सामान्य नागरिक से ले कर सेना के जवान तक, सबने मुट्ठी