बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश
बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश
पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में भारत माँ के 40 से अधिक बेटे शहीद हो गए हैं. इस हमले के लिए विस्फोटक से भरी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया जो
पाकिस्तान बनने के लगभग 6 माह बाद मोहम्मद अली जिन्ना पूर्वी पाकिस्तान की राजधानी ढाका आये। 21 मार्च, 1948 को उन्होंने ढाका के रमना रेस कोर्स मैदान में एक विशाल
कल एक फ़िल्म का ट्रेलर निकला जिसका नाम है ‘उरी’. उरी मतलब वही जिसके बाद हमने पाकिस्तान की इति श्री रेवा खण्ड, मतलब सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी. अरे वही