छपरा लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से सारण लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती है. सारण (छपरा) लोकसभा सीट कई मायनों में ऐतिहासिक है. बिहार के पूर्व
छपरा लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से सारण लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती है. सारण (छपरा) लोकसभा सीट कई मायनों में ऐतिहासिक है. बिहार के पूर्व
अपनी अद्भुत चित्रकला ‘मधुबनी पेंटिंग’ के लिए विश्वविख्यात मधुबनी पौराणिक कथाओं में भी एक महत्वपूर्ण स्थल रहा है. मधुबनी को मिथिला संस्कृति का हृदयस्थल माना जाता है. स्वतन्त्रता से पूर्व
बिहार में राजनीति पर आसक्ति ऐसी है कि वहाँ का राजनीतिक तापमान ठंडा हो तो भी वह शेष देश के राजनीति मिजाज से गर्म ही पाया जाता है. देश में