देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर
देश के सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद से जो आक्रोध और शोक की लहर पूरे देश में देखने को मिल रही है, वह पाकिस्तान को भी अंदर से ज़रूर
बनारस के चौबेपुर इलाके का छोटा सा तोफापुर गाँव जहाँ कभी पिता श्याम नारायण यादव ने इस आस में अपना खेत गिरवी रख दिया था कि एक दिन बेटा रमेश
पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में भारत माँ के 40 से अधिक बेटे शहीद हो गए हैं. इस हमले के लिए विस्फोटक से भरी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया जो