सन 1914 से 1918 तक प्रथम विश्वयुद्ध चला था. प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने ब्रिटेन का समर्थन किया था. इतना ही नहीं, अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी
सन 1914 से 1918 तक प्रथम विश्वयुद्ध चला था. प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने ब्रिटेन का समर्थन किया था. इतना ही नहीं, अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी
ट्विटर व फेसबुक पर जो बन्धु मंगलवार की सुबह ९ बजे तक हिंदी हार्टलैंड के तीनों प्रदेशों में भाजपा के जीत का दम भर रहे थे, उनमें से कइयों ने
दत्ताजी सिंधिया को पेशवा बालाजी बाजीराव ‘ईश्वरचा सिपाही’ कहते थे. एक ऐसा योद्धा जो देवताओं की तरह लड़ता था और शत्रु दल पर दावानल बनकर टूट पड़ता था. रघुनाथ
भाजपा के अलावा उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में आवगमन कर चुके और उर्दू के खानदानी कलमकार व संपादक शाहिद सिद्दीकी ने 7 दिसम्बर, 2018 को ट्विटर
अब ज़मीन के नीचे की लड़ाई शुरू हुई. आजकल ऐसी तकनीक है कि ज़मीन के नीचे भी फोटोग्राफी संभव है. इसका प्रयोग मेट्रो निर्माण में उसका रुट तय करने
छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनाव कांग्रेस के लिए करो या मरो का चुनाव है। यदि इन तीन राज्यों में कांग्रेस हारती है तो ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ हकीकत में बदल
प्रिय देशवासियों! आप सब दीपावली की तैयारियों में व्यस्त होंगे। दीपावली रौशनी का त्यौहार है, ऐसा तो बचपन से आप भी पढ़ ही रहे होंगे। और हर साल की तरह
Article 370 of the Indian Constitution is one of the most debated topics in Indian polity. The reason for it lies in the fact that it gives temporary provision with
शत्रु सेना और इस महायोद्धा के बीच एक चौड़ी दलदली पाट थी। शत्रु को लगा कि हाथी पर बैठा यह महायोद्धा इस दलदल को पार न कर सकेगा। यदि इसने
क्या आपने कभी पढ़ा है कि हल्दीघाटी के बाद अगले १० साल में मेवाड़ में क्या हुआ..इतिहास से जो पन्ने हटा दिए गए हैं उन्हें वापस संकलित करना ही होगा