बादशाह आलमगीर औरंगज़ेब ने तुम्हारी बहन चारुमती की ख़ूबसूरती के बारे में बहुत सुनकर ये फ़ैसला किया है कि वह चारुमती साई से विवाह करेंगे. यह सुनकर किशनगढ़ रुप्पनगढ़ के
बादशाह आलमगीर औरंगज़ेब ने तुम्हारी बहन चारुमती की ख़ूबसूरती के बारे में बहुत सुनकर ये फ़ैसला किया है कि वह चारुमती साई से विवाह करेंगे. यह सुनकर किशनगढ़ रुप्पनगढ़ के
“Ananda Coomaraswamy!” said my friend Rohit on Twitter, “You haven’t heard of him? Read him! Dance of Siva is his best book!” Over the next few days I got busy
दावात्याग: व्यसन वही है, कल्पना वही है. यथार्थ से वास्ता अब भी नहीं है. (वो भारत खंड -२ से आगे) अगली बैठक जिसमें घनानंद, संग्राम सिंह को उस भारत में
कालिदास ने कहा है “उत्सवप्रिया: खलु मनुष्या” अर्थात मनुष्य उत्सव प्रेमी होते हैं । त्योहारों का उत्सव उन्हे अपने दुखों और वैमनस्य को भूलने का तथा प्रेम, भाईचारा एवं मित्रता
यह आलेख समर्पित है भारत वर्ष के उन महाप्रतापियों को जिन्होंने भारत वर्ष की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए असंख्य बलिदान दिए । भारत वर्ष के इतिहास में मेवाड़
गाड़ी अब तेजी से द्रास की ओर बढ़ चली थी । आशु अब पीछे की सीट पर जा बैठा । हल्का सा उनींदा ,रास्ते में मश्कोह ,बटालिक ,करगिल के बोर्ड
इतिहास में जाकर उस समय की सच्चाई का अनुभव तो दूर, कल्पना तक कर पाना भी बहुत दुष्कर कार्य है । और यदि किसी देश का अधिकतर इतिहास विदेशियों द्वारा लिखा
वो भारत – खंड १ दावात्याग – इस रचना का यथार्थ से किसी भी प्रकार का कोई वास्ता नहीं है । यह लेखक के एक व्यसन विशेष के उपरांत की