शरद; “हां तो प्रेम, तुम्हारी शादी का क्या हुआ ?” प्रेम; “यार, फिक्स हो गयी. इसी अप्रैल में है.” शरद; “अर्रे, तुम फ़ोन पर तो कह रहे थे कि घरवालों ने जाने कहाँ फसा
शरद; “हां तो प्रेम, तुम्हारी शादी का क्या हुआ ?” प्रेम; “यार, फिक्स हो गयी. इसी अप्रैल में है.” शरद; “अर्रे, तुम फ़ोन पर तो कह रहे थे कि घरवालों ने जाने कहाँ फसा
कई बार ऐसा होता है कि हम कुछ काम कर रहे होते हैं और कानों में हैंड्सफ्री म्यूजिक ऑन होता है, और तब भी गाने का एक भी शब्द या संगीत
केरल के अपने गांव के इकलौते बीए पास मणि जी सरकारी नौकरी के लिए दिल्ली आए. ज़िद्दी थे, दिल के अच्छे थे और अपने मन की ही करते थे. कुछ
ऑफिस के वाशरूम में शीशे के सामने खड़ी प्राउड वाली मुस्कुराहट के साथ झुर्रियों वाले गाल ब्लश से चमकाती हुई सीईओ हो या कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट की तरह बालों की उलझन