कांग्रेस का डूबता जहाज छोड़ कर भाग रहे नेता

लोकसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस की मुसीबत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कांग्रेस की बढ़ती मुश्किलें आगामी चुनाव का गणित भी बिगाड़ सकती हैं. कांग्रेस के लिए समस्याएं उत्पन्न करने वालों में से बाहरी कम घर के लोग अधिक हैं. कांग्रेस इस समय नेताओं के विवादित बयान व दिग्गज नेताओं के पार्टी छोड़ने से परेशान है.

रविवार को भी एक दिग्गज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. यह इस्तीफा है कांग्रेस के पूर्व सचिव और वरिष्ठ नेता पी. सुधाकर रेड्डी का. श्री रेड्डी ने इस्तीफा देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए करोड़ों रुपए की मांग करती है. उन्होंने दावा किया कि भ्रष्ट और खराब आचरण के कारण राज्य नेतृत्व विफल साबित हुआ है. साथ ही रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है.

पार्टी में 2018 के विधानसभा चुनाव, एमलसी चुनाव और अब लोकसभा चुनाव 2019 में भी पैसों वालों को तरजीह दी जा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के लोगों की भावनाओं को नहीं समझ पा रही है.

यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि रविवार को राहुल गांधी तेलंगाना में प्रचार अभियान की शुरुआत करने गए थे. राहुल के पहुंचने के कुछ ही घंटे पूर्व सुधाकर रेड्डी ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था.

सुधाकर रेड्डी के बयानों में यदि सच्चाई है तो कांग्रेस का चेहरा एक बार फिर जनता के सामने आ गया है. करोड़ों रुपए लेकर टिकट बांटने वाली पार्टी के नेता चुनाव हारने के बाद ईवीएम का रोना रोने लगते हैं, क्योंकि सच्चाई यह है कि धन देकर टिकट बेचा जा सकता है, वोट खरीदा नहीं जा सकता.

कांग्रेस द्वारा टिकट के लिए रुपयों की मांग करना यह सिद्ध करता है कि कांग्रेस में भ्रष्टाचार किस प्रकार व्याप्त है. श्री रेड्डी के इस यह बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का बाज़ार गर्म रहा. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ही टिकट वितरण में ‘खेल’ करेगी तो फिर छोटे दलों व क्षेत्रीय पार्टियों से स्वच्छता की उम्मीद करना तो बेमानी होगी.

रुपए लेकर टिकट देना राजनीति की शुचिता को समाप्त करने का प्रयास है. साथ ही एक बात तो स्पष्ट है कि यदि कोई नेता रुपए देकर टिकट प्राप्त करेगा तो फिर चुनाव जीतने के बाद उन रुपयों की भरपाई के लिए भ्रष्टाचार तो करेगा ही.

कांग्रेस सरकार में हुए घोटाले इसी ओर इशारा करते हैं. ज्ञात हो कि तेलंगाना की सभी 17 लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल को चुनाव होना है. इससे पूर्व दिग्गज नेताओं का दलबदल करना आम बात है, लेकिन दिग्गज नेताओं का दलबदल कई बार पार्टी को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुधाकर रेड्डी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की संभावना है. वह सोमवार को हैदराबाद में होने वाली बीजेपी की रैली में पार्टी में शामिल हो सकते हैं. कुछ दिनों पहले पूर्व मंत्री डी.के. अरुणा भी बीजेपी में शामिल हो गईं थीं. इन्हें बीजेपी ने महबूबनगर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है.