पकिस्तान तिल तिल कर मर रहा है।

भारतीय सेना ने जब से पाकिस्तान पर दूसरी बार सर्जिकल स्ट्राइक की है, तब से पाकिस्तान व वहां का मीडिया बौखलाहट से भरा हुई है. पाकिस्तानी मीडिया भारत के मुक़ाबले पाकिस्तान को मज़बूत बता रहा है. साथ ही, वह भारतीय प्रधानमंत्री के लिए भद्दे शब्दों का उपयोग भी कर रहा है. एक ओर जहां भारत सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को प्रत्येक हमले का जवाब दे रहा है तो दूसरी ओर अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली राष्ट्र विश्व मंच पर पाकिस्तान की थोड़ा-बहुत बची हुई इज़्ज़त भी धुलवाने में तुले हुए हैं.

पाकिस्तान की हालत बेहद ख़राब होती जा रही है. पाकिस्तान सामाजिक व आर्थिक दोनों ही मोर्चों पर कमज़ोर होता जा रहा है.  पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब हो गई है कि वह लगातार कर्ज़ के बोझ के तले दबता जा रहा है.

खबर है कि पाकिस्तान अपनी आर्थिक तंगी दूर करने के लिए इंटरनेशनल मॉनिटेरी फंड (विश्व मुद्रा कोष) से एक बार फिर कर्ज़ ले सकता है. हालांकि गत वर्ष आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज देने से मना कर दिया था. मुमकिन है कि इस बार भी मना कर दे.

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय आईसीयू पर है. इसे सुधारने के लिए पीएम इमरान खान ने प्रधानमंत्री आवास की भैसों को भी बेच दिया था. यहां तक कि गत दिनों खबर आई थी कि पाकिस्तान आर्थिक व्यवस्था सुधारने के लिए गधे भी बेच रहा है. पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक स्थिति बंगलादेश का सामना करने में भी सक्षम नहीं है. पाकिस्तान के पास 7.8 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा रिजर्व में हैं, जबकि बंगलादेश के पास चार गुना अधिक 32 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा रिजर्व है.

पाकिस्तान को कर्ज देने वाले सऊदी अरब, यूएई, चीन के पैकेज भी पाकिस्तान के लिए पूरे नहीं पड़ रहे हैं. पिछले महीने सऊदी अरब द्वारा व 25 मार्च को चीन द्वारा दिए गए पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान ने खुद को विनाशकारी आर्थिक मंदी से बचाने के लिए तो कर लिया है, लेकिन अब आगे की डगर आसान नहीं है.

गत दिनों आईएमएफ ने पाकिस्तान के हालात को देखते हुए फ्री-फ्लोटिंग रुपए जैसे कई उपाय अपनाने का सुझाव दिया था, जिसके परिणामस्‍वरूप मुद्रा का और अधिक अवमूल्‍यन होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईएमएफ ने कहा था कि पाकिस्तान को खाने और तेल में दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर देनी चाहिए ताकि पाकिस्तान के पास पैसा आए, लेकिन अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान भयानक महंगाई के दौर में चला जाएगा और मुद्रास्फीति बहुत बढ़ जाएगी. आईएमएफ के अनुसार पाकिस्तान को उसके मार्केट के हिसाब से पैसा दिया जाएगा. अर्थात सब्सिडी खत्म होगी और साथ ही साथ पाकिस्तानी रुपए की कीमत भी घटेगी.

पाकिस्तान के हालात कितने बदतर हो गए हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पाक की सालाना महंगाई दर 8.21% हो गई है. जून 2014 से लेकर अब तक पाकिस्तान में महंगाई सिर्फ बढ़ी ही है. पाकिस्तान में शिक्षा, घर, खाना-पीना, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार, कपड़े आदि के दाम बेतहाशा बढ़े हैं. समझ मुश्किल है कि देश किस ओर जा रहा है. पाकिस्तान दलदल में फंसा हुआ दिखता है.

ऐसा लगता है कि इस दलदल से कभी निकल ही नही पाएगा. इमरान खान ने एक सरकारी कार्यक्रम में कबूल किया था कि आज पाकिस्‍तान रोजाना कर्ज की एवज में 6 बिलियन रुपये अर्थात करीब 11 अरब रुपये से अधिक का ब्‍याज चुका रहा है.

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान अगला वेनेजुएला हो सकता है. कुछ वर्षों पूर्व अपने तेल के व्यापार पर फलने-फूलने वाला वेनेजुएला अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिरते ही कंगाल हो गया. फॉरेन रिजर्व न होने के कारण वेनेजुएला को भी कर्ज की ओर बढ़ना पड़ा. वहां भी वेनेजुएला को काफी कर्ज मिला. अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वेनेजुएला ने क्रिप्टो करंसी की तरफ रुख किया. इसका नतीजा यह हुआ कि वेनेजुएला में 83000% तक महंगाई बढ़ी और अब स्थिति यह है कि ब्रेड के एक टुकड़े की कीमत भी लाखों वेनेजुएलन बोलिवर है.

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था भी अब चरमरा गई है. फॉरेन रिजर्व नहीं हैं और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को विदेशी कर्ज की जरूरत पड़ रही है. पाकिस्तानी रुपए की कीमत तेज़ी से गिर रही है. वेनेजुएला की तरह पाकिस्तान भी क्रिप्टो करंसी की ओर बढ़ सकता है.

पाकिस्तान कल जो भी था, वह अमेरिका की वजह से था. वह आज जो भी है, चीन की वजह से है. पहले पाक की गीदड़ भभकी का कारण अमेरिका था, लेकिन अब चीन है. पाकिस्तान चीन के बलबूते पर ही भारत को आंख दिखाने की कोशिश करता है. कंगाली की हालत में खड़े होकर औरों को आंख दिखाने के लिए ही कहा जाता है – रस्सी जल गई बल नहीं गया.