आतंकवादी का नाम सम्मान सूचक शब्दों के साथ ले कर क्या बताना चाहते हैं राहुल गाँधी?

भारतीय राजनीति स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक जटिल दौर से गुज़र रही है. इसे यदि यूँ कहा जाए कि भारत की वर्तमान राजनीति कुटिल हो गई है तो अतिशयोक्ति नहीं होगा. जिस देश की अच्छाई व समृद्धि की आज पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है, उसी राष्ट्र पर ओछी राजनीति करने का कलंक लगाने का कुछ लोग प्रयास कर रहे हैं. इनके विषय में अधिक बताने से पूर्व यह बताना अच्छा होगा कि यह श्रीमान राजनीति करने में इतने अधिक उतावले हो गए हैं कि किस विषय पर क्या बोलना है,किसे बोलना है, इन्हें याद ही नहीं रहता. सत्ता के मोहजाल में श्रीमान इतने खो गए हैं कि देश के प्रधानमंत्री को चोर कहते हैं व  जिस व्यक्ति के हाथ हज़ारों भारतीय नागरिकों सहित भारतीय सैनिकों के खून से रंगे हैं उसे ‘जी’ कह कर संबोधित करते हैं.

हम बात कर रहे हैं भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी की. जो लगभग हर समय मीडिया में सुर्खियां बटोरने में लगे रहते हैं, शायद इन्हें लगता है कि मीडिया में बने रहने से जनता इन्हें वोट दे देगी अन्यथा वह ऐसा करते ही नहीं.

मुद्दा यह है कि सोमवार को एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर को ‘मसूद अजहर जी’ कहकर संबोधित किया. जिससे इनकी राष्ट्र के प्रति निष्ठा व कितनी सुदृढ़ है, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

साथ ही जिस पार्टी के ये अध्यक्ष हैं, उसकी मानसकिता का पता एक बार फिर इस देश को चल गया. यह कोई पहला मौका नहीं था जब कांग्रेस द्वारा आंतकियों का सम्मान किया गया हो. कांग्रेस के कई बड़े नेता आतंकियों का सदैव ही सम्मान करते आए हैं. विगत वर्ष कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आतंकियों के सम्मान में कोई कमी नहीं की थी. दिग्विजय सिंह ने आतंकी ओसामा बिन लादेन व हाफ़िज़ सईद को पार्टी अध्यक्ष जी की तरह ही सम्मानित शब्दों का उपयोग किया था. एक और महानुभाव रणदीप सुरजेवाला ने भी अफज़ल गुरु के प्रति अपना सम्मान प्रदर्शित किया था.

इससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस की मानसिकता किस प्रकार की है. इस पार्टी को न तो सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है और न ही देश की जांच एजंसियों पर. यहाँ तक तो ठीक था लेकिन जब इस पार्टी ने भारतीय सैनिकों के शौर्य पर प्रश्न खड़े करने का प्रयास किया तो लगा कि आख़िर कितना गिरेंगे ये लोग. पाकिस्तान द्वारा भी सबूत मांगा जा रहा है व कांग्रेस भी सबूत की मांग कर रही है. ऐसे में बहुत कुछ समझ आता है जब कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा आतंकियों का सम्मान किया जा रहा है. ऐसे में राहुल गांधी की यह बात पार्टी के दिग्गज नेताओं व कार्यकर्ताओं को जनता तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए. आख़िर यह पार्टी अध्यक्ष द्वारा कही गई बात है.

कांग्रेस द्वारा की जा रही राजनीति इस राष्ट्र की छवि को नष्ट करने का प्रयास है. इस पार्टी को लगता है कि जनता अब भी झूठ व बहकावे में आकर वोट दे देगी. सत्य यह है कि भारतीय मतदाता समझदार हो चुका है. इसे राष्ट्रवाद व छ्द्मवाद में अंतर समझ आता है.



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