जब ज्ञान की धारा ज्ञानी के अंदर से प्रवाहित होती है तो उसको हम सहर्ष स्वीकार करते हैं. जब मूर्ख के मुख से निकलती है तो हम आश्चर्य में पड़ते
जब ज्ञान की धारा ज्ञानी के अंदर से प्रवाहित होती है तो उसको हम सहर्ष स्वीकार करते हैं. जब मूर्ख के मुख से निकलती है तो हम आश्चर्य में पड़ते
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार हूँ’ के चुनावी अभियान की हुंकार भर के वंशवादी चोरों, भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और गबन के आरोपों में जमानत पर छूटे नेताओं की नींद
राफ़ेल मुद्दे पर हर दिन कोई न कोई नया मोड़ ज़रूर आ रहा है. इससे यह अब और भी रोचक हो गया है. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने आज
आज भारत की राजनीति में संवेदनहीनता का एक और काला अध्याय लिख दिया गया. देश की जनता का भविष्य और विश्वास उसके जन-प्रतिनिधि पर टिका हुआ होता है. लोकतंत्र को
एक ही झूठ सौ बार बोलने से सच प्रतीत होने लगता है. नाज़ियों का यह प्रोपगंडा राफेल सौदे को ले कर भी फैलाया जा रहा है. आज ‘द हिंदू’ में
राहुल गांधी क्यों झूठ बोल रहे है? – ये सवाल आज हर भारतीय के मन मे आना चाहिए. आखिर वे चाहते क्या है? राफेल मुद्दे पे एक के बाद एक
“हम इस प्रक्रिया से संतुष्ट हैं. भारत जैसा देश ऐसे सौदों में देरी नहीं कर सकता. यह भारत के भविष्य के लिए आवश्यक है. सौदे में कुछ भी गलत नहीं