राष्ट्र हृदय जब चीख़ रहा हो,अश्रु नयन भर दीख रहा हो,एक प्रश्न तब हर मन पूछे, कहाँ जगह हो खड्ग-ढाल की? क़ीमत क्या हो शांतिकाल की? लहू बह रहा जब
राष्ट्र हृदय जब चीख़ रहा हो,अश्रु नयन भर दीख रहा हो,एक प्रश्न तब हर मन पूछे, कहाँ जगह हो खड्ग-ढाल की? क़ीमत क्या हो शांतिकाल की? लहू बह रहा जब