“का हुआ भेटनर भईया”; हाथ पर लगी पट्टी देखकर चेला टैप लड़के ने पूछा. जबाब मिला; “छुरा लागल बा”. तब बारहवीं में 16 से 19 वर्ष के छात्र हुआ करते
“का हुआ भेटनर भईया”; हाथ पर लगी पट्टी देखकर चेला टैप लड़के ने पूछा. जबाब मिला; “छुरा लागल बा”. तब बारहवीं में 16 से 19 वर्ष के छात्र हुआ करते
पहले भाग से आगे गंगा सफाई अभियान या नमामि गंगे मिशन में 3 शहर सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं: फर्रुखाबाद, मथुरा और पटना. इन तीनों ही शहरों से भारी मात्रा
माँ गंगा हमारी सनातन संस्कृति को अपनी धारा के साथ समूचे देश में प्रवाहित करती है. युगांतरो से बह रही गंगा ने मुग़लों की क्रूरता से ले कर अंग्रेजों का
दौर ऐसा था कि लाइसेंस परमिट राज पूरा गया नहीं था, उदारवाद उमड़कर आया नहीं था. साम्यवाद अभी सरका नहीं था, राष्ट्रवाद पूरा भड़का नहीं था. सदाबहार समाजवाद सौ दिन
यह कहानी उस दौर की है जब लडकियाँ ‘बोल्ड और साइज़ ज़ीरो’ नहीं, शर्मीली और गदराई होती थीं. उनका जीन्स से वास्ता नहीं था और दुपट्टे को वे अनिवार्य समझती