देश में एक विचारधारा ऐसी भी चल रही है जो सब मर्यादाओं को भूल चुकी है. जिसने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजनैतिक क्षेत्र में क्या
देश में एक विचारधारा ऐसी भी चल रही है जो सब मर्यादाओं को भूल चुकी है. जिसने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजनैतिक क्षेत्र में क्या
नसीरूद्दीन शाह साहब अपने बच्चों के लिए डरे हुए हैं कि कहीं कल को भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान तो क्या होगा?
सवेरे ट्विटर खोला तो नज़र पड़ी देश की एक दुखदायक घटना पर. एक मोहतरमा को परीक्षा में केवल इसलिए नहीं बैठने दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब पहन रखा था. वैसे
“मियाँ नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा कहा गया है. वे साधारण नानबाई नहीं हैं. वे खानदानी नानबाई हैं. अन्य नानबाई रोटी केवल पकाते हैं, पर मियाँ नसीरुद्दीन अपने पेशे को