देश के कुछ नेताओं को भले ही सेना की फिक्र हो या न हो लेकिन देश की सेना को हमेशा देश की रक्षा की फिक्र रहती है. यही कारण है
देश के कुछ नेताओं को भले ही सेना की फिक्र हो या न हो लेकिन देश की सेना को हमेशा देश की रक्षा की फिक्र रहती है. यही कारण है
1993- मुम्बई 1998- कोयम्बटूर 2001- संसद हमला 2002- अक्षरधाम 2003/2006- मुम्बई ट्रेन 2005- दिल्ली 2006- वाराणसी 2007- समझौता एक्सप्रेस, हैदराबाद 2008- मुम्बई 26/11 2016- उरी 2019- पुलवामा ….. सैकड़ों और