कालिदास ने कहा है “उत्सवप्रिया: खलु मनुष्या” अर्थात मनुष्य उत्सव प्रेमी होते हैं । त्योहारों का उत्सव उन्हे अपने दुखों और वैमनस्य को भूलने का तथा प्रेम, भाईचारा एवं मित्रता
कालिदास ने कहा है “उत्सवप्रिया: खलु मनुष्या” अर्थात मनुष्य उत्सव प्रेमी होते हैं । त्योहारों का उत्सव उन्हे अपने दुखों और वैमनस्य को भूलने का तथा प्रेम, भाईचारा एवं मित्रता
हुआ सर्जिकल मिला हमें बल भौंके नेता उन्हें नहीं कल सैनिक मरता रक्षा करता पर लीडर जो पॉकेट भरता जब भी बोले शबद न तोले राष्ट्र-वायु में बस विष घोले
पाकिस्तान के प्रॉक्सी वार को पूँछ से पकड़कर रगड़ दिया गया है । लोककल्याड मार्ग पर चलते हुए भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स में 40 से 200 के बीच जिहादियों
इतिहास किसी सटीक सहस्त्र कोणीय वीडियो पर आधारित नहीं होता. यह तथ्यों के अलावा इतिहासकार की कल्पना, कथा शैली, रुझान एवं पूर्वाग्रह आदि से मिलकर बनता है. फिल्मकार व कथाकार
एक जमाना था जब परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट करने वाले विद्वान् विद्यार्थियों को चैलेन्ज जैसा कुछ देते थे कि वे पोस्टमैन, मेरा गाँव, रेलयात्रा जैसे विषयों पर निबंध लिख कर
चुनाव हुए और सरकार बदल गई । सरकार बदल गई तो काम करने का तरीका भी बदल गया । काम करने का तरीका बदला तो समस्याओं को सुलझाने का तरीका
वो भारत खंड -२ (वो भारत खंड -१ से आगे) दावात्याग – इस खंड का भी यथार्थ से किसी भी प्रकार का कोई वास्ता नहीं है । यह भीे उसी
जुमले भी साकार होते है । बस उन्हे देखने वाली नजर होनी चाहिए । मेरी नजर तेज है । इस उम्र में भी मुझे चश्मे की जरुरत नहीं पड़ी और
14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। तरह-तरह के आयोजन होते है। प्रतियोगितायें भी। नारा प्रतियोगिता, काव्य प्रतियोगिता, टिप्पण लेखन। आदि-इत्यादि। वगैरह-वगैरह। एक्सेट्रा-वेक्सेट्रा! कुछ जगह तो सारा काम हिन्दी
किसी महान और साधारण व्यक्ति में एक अंतर होता है, वह अंतर ये है कि साधारण मनुष्य की बात क्षणिक होती है, वहीं महान मनुष्य की कही हुई बात अमर